बजट सत्र के लिए त्रिवेंद्र सरकार ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में है, लेकिन इस बार फरियादी नहीं आ रहे हैं। एक साल के बाद सरकार के आने के बावजूद भी भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में दूरदराज से शिकायत और समस्याओं को लेकर आने वाले लोग नजर नहीं आ रहे हैं। फरियादियों के न आने का एक कारण कोविड महामारी भी माना जा रहा है।
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एक साल के बाद सरकार के मंत्री, विधायक समेत उच्च अधिकारी भराड़ीसैंण में हैं। पहाड़ के लोगों को इस बात इंतजार रहता है कि सरकार के गैरसैंण आने पर अपनी शिकायत व समस्याओं को आसानी से रख सकते हैं लेकिन इस बार भराड़ीसैंण विधानसभा में फरियादी नहीं पहुंच रहे हैं।
शिकायतें लेकर मंत्री और विधायकों से मिलने आते थे। जिससे लोगों की आवाजाही से भराड़ीसैंण में खूब रौनक रहती थी। ऐसा नजारा इस बार नजर नहीं आ रहा है। लोगों को इस बात का इंतजार रहता था कि सरकार के पहाड़ में आने से वे अपनी शिकायत व समस्याओं को आसानी से सरकार के समक्ष रख सकते हैं। इसके लिए उन्हें देहरादून की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
इस बार कोविड महामारी को देखते हुए भराड़ीसैंण में लोगों के आने की सीमित संख्या रखी गई है। विधानसभा के अंदर भी कोविड की आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट वालों को प्रवेश की अनुमति दी है। मंत्रियों व विधायक के स्टाफ को भी विधानसभा के अंदर जाने की अनुमति नहीं है।
कोविड महामारी के कारण लोग नहीं आ रहे हैं। भराड़ीसैंण में पहले की तुलना में आने वाले लोगों की संख्या सीमित की गई है। जिससे संक्रमण से बचाव किया जा सके। सरकार लोगों की हर समस्या व शिकायत का समाधान करने के लिए तत्पर है।
- मदन कौशिक, कैबिनेट मंत्री
सरकार तानाशाही पर उतर आई है। जो लोग अपनी शिकायतों को लेकर भराड़ीसैंण आ रहे हैं। सरकार उन पर लाठीचार्ज व पानी की बौछारें कर रही है। ऐसे में लोग कैसे सरकार के समक्ष अपनी बात रखेंगे।
- करन माहरा, कांग्रेस विधायक