कांग्रेस विधायकों ने बृहस्पतिवार को विधानसभा परिसर के बाहर महंगाई के विरोध में सांकेतिक धरना दिया। वे रसोई गैस सिलिंडर के साथ वहां पहुंचे। धरने पर बैठे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने बढ़ती महंगाई के लिए प्रदेश सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया।
बृहस्पतिवार की सुबह नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश और कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह चौहान के नेतृत्व में गोविंद सिंह कुंजवाल, करन माहरा, हरीश धामी, ममता राकेश, राजकुमार, आदेश चौहान, फुरकान अहमद विधानसभा परिसर में पहुंचे। वे अपने साथ रसोई गैस सिलिंडर लेकर आए।
सिलिंडर विधानमंडल भवन के प्रवेश द्वार की सीढ़ियों पर रखकर वे धरने पर बैठ गए। विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि उन्होंने कार्यस्थगन में महंगाई का मुद्दा उठाया था लेकिन संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक का कहना था कि राज्य में महंगाई नहीं है। उनका यह बयान गैर जिम्मेदाराना और असत्य था। सरकार को राज्य के गरीब लोगों की चिंता नहीं है। महंगाई ने गरीब तबके की कमर तोड़ दी है। रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं।
शिक्षा मंत्री पांडेय को भी साथ बैठा दिया
कांग्रेस विधायक जब धरना दे रहे थे, उस दौरान शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय वहां पहुंचे। कांग्रेस विधायकों ने उन्हें धरने पर बैठने का निमंत्रण दिया। पांडेय भी वहां बैठ गए। इस दौरान खूब हंसी ठिठोली हुई और उसके बाद पांडेय वहां से चले गए।
सुबोध भाई डेपुटेशन खत्म हो गया, अब लौट चलें
धरने पर बैठे धारचूला के विधायक हरीश धामी ने परिसर में पहुंचे कृषि मंत्री सुबोध उनियाल को जब पुकारा कि सुबोध भाई डेपुटेशन खत्म हो गया, अब लौट चलें। तो वहां मौजूद सभी लोग हंस पड़े। विधायक फुरकान ने ध्यान दिलाया कि यही समय था जब कांग्रेस विधायक भाजपा में चले गए थे।
कम बारिश से प्रदेश में फसलों को आंशिक नुकसान
कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि प्रदेश में कम बारिश से रबी फसलों को आंशिक नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार के मानकों के अनुसार सूखे से फसलों को 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर मुआवजा देने की व्यवस्था है। फसल बीमा योजना के तहत फसलों का बीमा कराने के लिए सरकार की ओर से 95 प्रतिशत अंशदान दिया जा रहा है। जबकि किसानों से मात्र पांच प्रतिशत राशि प्रीमियम के रूप में ली जाती है। प्रश्नकाल में विधायक प्रीतम सिंह पंवार के सवाल पर कृषि मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि रबी फसल के तहत वर्ष 2020-21 में फरवरी तक 62.3 मिलीमीटर बारिश हुई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना व मौसम आधारित फसल बीमा योजना के मानकों के तहत किसानों को नुकसान पर मुआवजा दिया जाता है।
किसानों को ब्याज मुक्त ऋण देने से बैंकों को कोई नुकसान नहीं
सहकारिता मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने कहा कि किसानों को ब्याज मुक्त ऋण देने से सहकारी बैंकों को कोई नुकसान नहीं है। सरकार की ओर से बैंकों को ब्याज मुक्त ऋण देने पर प्रतिपूर्ति की जा रही है। झबरेड़ा के विधायक देशराज कर्णवाल के सवाल के जवाब पर सहकारिता मंत्री ने कहा कि दीन दयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के तहत 11 फरवरी 2019 से 10 फरवरी 2021 तक दो लाख 43 हजार 117 किसानों और 1822 स्वयं सहायता समूहों को एक प्रतिशत ब्याज दर पर 1382.93 करोड़ का ऋण दिया गया है।
स्कूली बच्चों को डीबीटी से किया मध्याह्न भोजन का भुगतान
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि कोविड काल में स्कूल बंद होने से पहली से आठवीं कक्षा के बच्चों को मध्याह्न भोजन पका हुआ नहीं दिया गया। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार बच्चों को खाद्यान्न व कुकिंग लागत का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया गया। विधायक देशराज कर्णवाल के सवाल के जवाब पर शिक्षा मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि कोविड महामारी के कारण 13 मार्च 2020 से प्रदेश में स्कूल बंद किए गए।
मिड डे मील योजना के तहत 6 लाख 88 हजार 73 बच्चों को पका हुआ भोजन दिया जाता है। लेकिन कोरोना संक्रमण से बच्चों को सूखा खाद्यान्न व कुकिंग कास्ट को डीबीटी के जरिये दिया गया। भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने सवाल किया कि कुकिंग कास्ट को किस आधार पर दिया गया। क्योंकि आज तक कुकिंग कास्ट को लेकर स्पष्ट आदेश नहीं है। इस पर मंत्री ने कहा कि पहली से पांचवीं कक्षा के बच्चों को 4.97 रुपये और कक्षा छह से आठवीं के बच्चों को 7.45 रुपये के हिसाब से कुकिंग कास्ट का भुगतान किया गया।
बजट सत्र के चौथे दिन विधानसभा में प्रश्न काल के दौरान कृषि एवं उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड में परंपरागत कृषि विकास योजना और नमामि गंगे परियोजना के तहत 2.18 लाख हेक्टेयर भूमि को जैविक खेती के अधीन लाया गया है। 4.58 लाख किसान जैविक खेती से जुड़े हैं। सरकार की ओर से जैविक उत्पादों की मार्केटिंग व ब्रांडिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिससे किसानों को जैविक उत्पाद का सही दाम मिल सके।
बृहस्पतिवार को विधायक धन सिंह नेगी के सवाल के जवाब पर कृषि मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि उत्तराखंड को जैविक राज्य बनाने के लिए सरकार ने जैविक अधिनियम लागू किया है। जिसमें जैविक घोषित ब्लाकों में रसायनिक उर्वरकों व कीटनाशक के इस्तेमाल व बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। वर्ष 2017 में प्रदेश में कुल कृषि क्षेत्र का मात्र आठ प्रतिशत पर जैविक खेती की जा रही है।
वर्तमान में 31 प्रतिशत क्षेत्र को जैविक खेती के अधीन लाया गया। जैविक उत्पादों की मार्केटिंग के प्रदेश में आउटलेट खोले जा रहे हैं। जिससे किसानों को सीधे उपभोक्ता से जोड़ा गया है। इससे बिचौलियों की मध्यस्थता खत्म हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 नए ब्लाकों को जैविक घोषित किया किया जा रहा है। जिनमें गैरसैंण, पाबौ, भिलंगना समेत अन्य ब्लाक शामिल हैं। प्रदेश में 2.18 भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान, सुरेश राठौर ने किसानों के जैविक उत्पादों की मार्केटिंग और पर्वतीय उत्पादों के मूल्यों को सवाल उठाया। इस पर कृषि मंत्री ने कहा कि पहाड़ों के परंपरागत उत्पाद मंडुवा, गहत, चौलाई, झंगोरा को मंडी समितियों व सहकारी समितियों के माध्यम से खरीदा जा रहा है। जिससे किसानों को उत्पादों का उचित मूल्य मिल रहा है।
आदर्श राजकीय कॉलेजों में चलाई जाएंगी साइंस, कामर्स व कला विषय कक्षाएं
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार, किच्छा व देवीधूरा में आदर्श राजकीय कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। इन तीनों मॉडल कॉलेजों में साइंस, कामर्स व कला विषयों की पढ़ाई की जाएगी। देवीधूरा कॉलेज भवन का निर्माण कार्य 80 प्रतिशत हो गया है। जल्द ही भवन तैयार होने के बाद कॉलेज को शुरू किया जाएगा। भाजपा विधायक पूरन सिंह फर्ल्याल के सवाल के जवाब में मंत्री ने सदन को बताया कि चंपावत जिले में छह कॉलेज चल रहे हैं। जिसमें तीन कॉलेजों में साइंस की कक्षाएं चल रही हैं।
पंचायतीराज मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में अनियमितता को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सभी पंचायतों के लिए ई-ग्राम स्वराज पोर्टल शुरू किया है। प्रदेश की 7791 पंचायतों में इस पोर्टल को संचालित किया जाएगा। विभिन्न योजनाओं के तहत होने वाले कार्यों को इस पोर्टल पर अपलोड किया जाता है। भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल के सवाल के जवाब में पंचायतीराज मंत्री ने कहा कि ई-ग्राम पोर्टल को लेकर पंचायतों से कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत आने पर इसका परीक्षण किया जाएगा। भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने सवाल किया कि ई-ग्राम पोर्टल के लिए पंचायतों में कनेक्टिविटी के लिए सरकार ने क्या व्यवस्था की है। इस पर मंत्री ने कहा कि न्याय पंचायत स्तर पर सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) के माध्यम से पंचायतों का डाटा अपलोड किया जा रहा है।
यूरिया वितरण में आ रही दिक्कतों का करेंगे परीक्षण
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश में यूरिया की कोई कमी नहीं है। किसानों की मांग के अनुसार यूरिया का वितरण किया जा रहा है। बायोमैट्रिक सिस्टम से किसानों को यूरिया उपलब्ध कराया जा रहा है। जिससे डीबीटी के माध्यम से सब्सिडी की राशि किसानों के बैंक खाते में जमा हो सके।
मंगलौर के कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन के सवाल पर सहकारिता मंत्री ने सदन को अवगत कराया कि हरिद्वार जिले में वर्ष 2020-21 में किसानों की मांग के अनुसार 29 हजार 193 मीट्रिक टन यूरिया खाद वितरित की गई। बायोमेट्रिक सिस्टम से आ रही दिक्कतों का परीक्षण कर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
चार से 22 मई तक होंगी बोर्ड परीक्षाएं
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि कोविड महामारी के कारण इस साल बोर्ड परीक्षा 4 से 22 मई तक होगी। सर्वशिक्षा अभियान की गतिविधियों पर आधारित वर्कशीट के आधार पर पहली से पांचवीं कक्षा के बच्चों की ग्रेडिंग के माध्यम से उत्तीर्ण किया जाएगा। विधायक प्रीतम सिंह पंवार के सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से छठी, सातवीं, आठवीं, नौवीं व 11 कक्षा के छात्र-छात्राओं को, जो स्कूलों में में उपस्थित नहीं हो पा रहे हैं उन्हें आनलाइन या ऑफलाइन से परीक्षा व मूल्यांकन करने के निर्देश दिए गए हैं। निजी स्कूलों की फीस माफ नहीं की गई। सरकार की ओर से निर्देश दिए गए कि सिर्फ ट्यूशन फीस ली जाए।
किसान चाहेंगे तो नहीं होगा बहुउद्देशीय सहकारी समितियों का विलय
सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रदेश में 675 बहुउद्देशीय सहकारी समितियां हैं। सरकार ने कई समितियों को विलय करने का निर्णय लिया है, लेकिन क्षेत्र के किसान चाहेंगे तो समितियों का विलय नहीं किया जाएगा। पहली बार सहकारी समितियों को कंप्यूटरीकृत किया जा रहा है।
दुग्ध उत्पादन में 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी
दुग्ध विकास मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि कोरोना काल के बावजूद भी प्रदेश में दुग्ध उत्पादन में 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम के माध्यम से दुग्ध विकास के क्षेत्र में 450 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई है। किसानों को गाय खरीदने के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 2.36 लाख लीटर दुग्ध उत्पादन प्रतिदिन किया जा रहा है।