मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि बजट में स्वस्थ, सुगम, स्वावलंबी और सुरक्षित उत्तराखंड पर विशेष फोकस किया गया है। प्रदेश सरकार ने विकास के मोर्चे पर उत्तराखंड की मजबूती के लिए काम किए हैं। उत्तराखंड को देश का विकसित राज्य बनाने के लिए हमारी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। पत्रकार वार्ता में शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक भी मौजूद थे।
स्वास्थ्य सेक्टर में 34 फीसदी बढ़ाया बजट
16 साल में 7529 तो चार साल में 7431 सड़कें बनाईं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कनेक्टिविटी में लगातार सुधार हो रहा है। चार वर्षों में प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में 7431 किमी सड़कों का निर्माण किया गया है, जो पिछले 16 साल में बनाई गई सड़कों से महज 98 किमी कम है। 16 साल में 7529 ग्रामीण सड़कें बनाई गईं। बजट में प्रदेश की सभी सड़कों के रख-रखाव व नवीनीकरण के लिए पिछले बजट की तुलना में 385 करोड़ ज्यादा की व्यवस्था की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी मोटर मार्गों और पुलों के कार्यों के लिए 330 करोड़ की व्यवस्था की। पीएमजीएसवाई के बजट में पूंजीगत परिसंपत्तियों के सृजन और भूमि खरीद के लिए करीब 1083 करोड़ की व्यवस्था की गई।
शिक्षा के बजट में 300 करोड़ की बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का बजट पिछले साल से 300 करोड़ बढ़ाया है। हर बच्चा स्कूल जाए, इसके लिए पहली से आठवीं तक के बच्चों के लिए राज्य सरकार निशुल्क जूता और बस्ता देगी। इसके लिए 24 करोड़ की व्यवस्था की गई है। माध्यमिक शिक्षा में भौतिक संसाधन और शैक्षिक सुधार के लिए 40 करोड़ खर्च होंगे।
एक लाख बालिकाओं को मिलेगी कमांडो ट्रेनिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार एक लाख बालिकाओं को कमांडो ट्रेनिंग दिलाएगी। इससे उनमें आत्म सुरक्षा को लेकर विश्वास पैदा होगा।
35 लाख महिलाओं के जीवन में आएगा सामाजिक व आर्थिक परिवर्तन
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को पति की पैतृक संपत्ति में सहखातेदार का अधिकार मिलने राज्य की 35 लाख से ज्यादा महिलाओं के सामाजिक व आर्थिक जीवन में बड़ा बदलाव आएगा। देश में भी यह आवाज उठेगी। कृषि सुधार के लिए 20 करोड़, एकीकृत आदर्श कृषि ग्राम योजना के लिए 12 करोड़, घसियारी कल्याण योजना में राज्य की 3 लाख से अधिक महिलाओं के सिर से घास का बोझ हटाने के लिए 25 करोड़ की व्यवस्था की गई है।
पारिवारिक विवाद में महिलाओं को भरण पोषण के लिए मिलेगी आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारिवारिक विवाद होने पर महिलाएं बेबस हो जाती हैं। कानूनी विवाद होने पर पति से उन्हें कोई सहायता नहीं मिलती। इसलिए सरकार ने नई योजना के लिए 3.60 करोड़ की व्यवस्था की है। योजना में नौकरी में सेवारत महिलाओं को छोड़कर सभी महिलाओं को भरण पोषण के लिए आर्थिक सहायता मिलेगी।