भराड़ीसैंण-गैरसैंण में एक मार्च से बजट सत्र शुरू करने की विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर दी है। सरकार ने कुछ ही दिन पहले एक से दस मार्च तक का विधानसभा सत्र भराड़ीसैंण-गैरसैंण में आयोजित करने का फैसला किया था।
भराड़ीसैंण-गैरसैंण में सत्र आयोजित करने को लेकर पहले तस्वीर स्पष्ट नहीं थी। कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आई तो सरकार ने भी बजट सत्र भराड़ीसैंण-गैरसैंण में कराने का फैसला किया।
पिछला बजट सत्र भी भराड़ीसैंण-गैरसैंण में हुआ था और उस समय मुख्यमंत्री ने भराड़ीसैंण-गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की घोषणा की थी। इस बार चुनाव वर्ष को देखते हुए सरकार की ओर से बड़ी घोषणा हो सकती है।
सरकार को करना होगा कई चुनौतियों का सामना
इस बार के बजट सत्र में सरकार को आपदा प्रबंधन को लेकर भी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। चमोली आपदा को लेकर विपक्ष इस समय सरकार से असहज करने वाले सवाल पूछने की तैयारी भी कर रहा है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि आपदा के मामले में सरकार को स्पष्ट रूप से जवाब देना चाहिए। विधायक मंडल दल की बैठक में इस पर अंतिम रूप से फैसला होगा लेकिन कांग्रेस कार्यस्थगन का प्रस्ताव इस मामले को लेकर आएगी। आपदा प्रबंधन नीति को प्रदेश के सभी लोगों के सामने रखा जाना चाहिए।
बजट में वित्त आयोग की संस्तुतियों से राहत
कोरोना के कारण आर्थिक मोर्चे पर डगमगा गई सरकार को 15वें वित्त आयोग की संस्तुतियों से बहुत हद तक राहत मिली है। आयोग ने प्रदेश के लिए करीब 28 हजार करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान मंजूर किया है। इस मंजूरी के कारण सरकार को करीब पांच हजार करोड़ रुपये अतिरिक्त रूप से मिलेंगे। ऐसे में सरकार को लोक लुभावन बजट पेश करने में आसानी होगी।