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बजट सत्र: राज्यपाल के भाषण के दौरान कांग्रेस विधायकों का हंगामा, भाषण में इन मुद्दो पर रहा फोकस

Tue, 03 Mar 2020 09:28 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गैरसैंण

सार

  • गैरसैंण की भराड़ीसैंण विधानसभा में शुरू होगा सत्र
  • कांग्रेस के तेवर तल्ख, पहले ही दिन सदन में हंगामा होने के आसार
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राज्यपाल बेबी रानी मौर्य के अभिभाषण के साथ ही विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो गया। राज्यपाल के भाषण के दौरान कांग्रेस विधायकों ने जमकर हंगामा काटा। कांग्रेस विधायक भाषण शुरू होते ही वेल में पहुंच गए, उनकी मार्शलों के साथ जमकर धक्का-मुक्की भी हुई। इस विरोध के बावजूद राज्यपाल ने भाषण पढ़ना जारी रखा और करीब 45 मिनट में पूरा भाषण पढ़ा। अभिभाषण के दौरान हंगामे को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विपक्ष की हताशा करार दिया। वहीं, नेता प्रतिपक्ष डॉ.इंदिरा हृदयेश ने कहा कि विपक्ष ने राज्यपाल का नहीं बल्कि सरकार की नीतियों का विरोध किया।

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मंगलवार को राज्यपाल बेबी रानी मौर्य का भाषण शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश अपनी सीट पर खड़ी हो गईं। इसके बाद कांग्रेस के 10 विधायक वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस विधायकों ने पहले ‘सरकार की उपलब्धियां गिनाना बंद करो’ के नारे लगाए और उसके बाद बेरोजगार, महंगाई, कर्मचारी हड़ताल, लोकपाल की नियुक्ति, गैरसैंण को राजधानी घोषित करने आदि मुद्दों को लेकर नारेबाजी की। इस दौरान राज्यपाल ने भाषण पढ़ना जारी रखा। इस दौरान नेता सदन त्रिवेंद्र सिंह रावत, संसदीय कार्य मंत्री मदन कौशिक सहित सत्ता पक्ष के मंत्री और विधायक खामोशी से अपनी सीट पर बैठे रहे। जबकि इंदिरा हृदयेश अपनी सीट पर खड़ी रहीं।

- फोटो : फाइल फोटो
करीब आधे घंटे तक कांग्रेस विधायक वेल में रहकर नारेबाजी करते रहे। इसके बाद उन्होंने प्रदर्शन को और तीखा कर पीठ की ओर से बढ़ने की कोशिश की। इस दौरान कांग्रेस विधायक हरीश धामी, मनोज रावत, करण महरा आदि मार्शलों से उलझ पड़े। कांग्रेस विधायकों की ओर से पीठ की ओर बढ़ने की कोशिश जारी रही और मार्शल उन्हें मानव शृंखला बनाकर रोके रहे। इस बीच धामी ने मेज पर जोर-जोर से हाथ पटकना शुरू कर दिया, इस पर विधानसभा रिपोर्टरों को भी अपनी सीट छोड़नी पड़ी। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल का इशारा पाकर और मार्शल भी बुला लिए गए।

भगवानपुर विधायक ममता राकेश वेल में ही बाकी विधायकों से थोड़ा अलग हट कर खड़ी रहीं तो विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल ने भी धक्का-मुक्की से परहेज किया। राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने ठीक 11.45 बजे भाषण समाप्त किया। उनके भाषण के समाप्त होते ही राष्ट्रगान की धुन बजी तो वेल में जारी हंगामा रुक गया। 45 मिनट के भाषण में राज्यपाल ने प्रदेश सरकार की कई उपलब्धियां गिनाईं।

राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर

भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल , मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, संसदीय कार्य मंत्री मदन कौशिक सहित अन्य मंत्रियों ने उन्हें रिसीव किया।

विपक्ष हताश व निराश है। इस वजह से विपक्ष ने यह हंगामा किया। यह सही है कि राज्यपाल का भाषण सरकार की नीतियों और किए गए कार्यों को सामने रखता है। लेकिन विपक्ष को शांति के साथ यह भाषण सुनना चाहिए था।
-त्रिवेंद्र सिंह रावत, मुख्यमंत्री

राज्यपाल के भाषण के बहाने सरकार ने सिर्फ अपनी उपलब्धियां गिनाई हैं। जबकि सरकार के पास उपलब्धि के नाम पर कुछ भी नहीं है। बेरोजगारी, महंगाई पर अंकुश से लेकर प्रदेश के विकास के लिए सरकार के पास कोई नीति नहीं है। हमने राज्यपाल का नहीं, सरकार की नीतियों का विरोध किया है।
-इंदिरा हृदयेश, नेता प्रतिपक्ष
 

खेती किसानी से शिक्षा रोजगार तक को तवज्जो

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने  45 मिनट के भाषण में प्रदेश के विकास से लेकर विभिन्न योजनाओं तक का जिक्र किया। राज्यपाल ने नए निवेश के माध्यम से उपजे रोजगार, शिक्षा में सुधार, आपदा प्रबंधन, महिला सशक्तीकरण आदि की भी बात की।

राज्यपाल ने कहा कि खेती में मशीनीकरण का उपयोग बढ़ने से महिला श्रम और अन्य श्रम में 50 से 60 प्रतिशत तक कमी आई है। प्रदेश में जन कल्याणकारी योजनाओं के तहत सामाजिक रूप से पिछड़े और वंचित वर्ग की हर तरह सहायता की जा रही है। आपदा प्रबंधन के तहत सरकार ने वेब आधारित ऑनलाइन रिपोर्टिंग सिस्टम को विकसित किया है। 22 गांवों के 609 परिवारों का पुनर्वास किया गया है।

सरकार पंचायतों को भी तवज्जो दे रही है। तेज औद्योगिक विकास की बदौलत उत्तराखंड उच्च विकास वाले राज्यों में शामिल हुआ है। बताया कि सरकार ने इस वित्तीय वर्ष में 381 किलोमीटर की सड़क और 20 पुलों का निर्माण कर 47 गांवों को जोड़ा है। राज्यपाल ने भाषण में खेती किसानी से लेकर सिंचाई, जल प्रबंधन, पेयजल, रोजगार, उद्योग, महिला सशक्तीकरण, सहकारिता, डेयरी विकास, वन आदि में सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
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अभिभाषण के मुख्य बिंदु

उद्योग एवं रोजगार
- 10 नई नीतियां बनाईं, 21 हजार करोड़ के 457 एमओयू को धरातल पर उतारा।
- 2641 उद्योग स्थापित, 3.50 करोड़ का पूंजी निवेश और 57314 लोगों को रोजगार।
- राज्यों की रैकिंग में पर्वतीय राज्यों में उत्तराखंड पहले स्थान पर।
- प्रदेश में 67 स्टार्टअप अब मान्यता प्राप्त।
- सिडकुल में 8221 करोड़ का पूंजी निवेश और 1445 लोगों को रोजगार प्रस्तावित।
- उत्तराखंड बनेगा मेडिकल डिवाइस पार्क, एमओयू हुआ।

ग्रामीण उत्तराखंड
- 1.77 लाख रुपये से 23 हजार आवास बने और 857 और बनेंगे।
- 2020-21 में 14वें वित्त आयोग के तहत 50831 लाख रुपये ग्राम पंचायतों को बांटेंगे।
- पंचायतों में ठोस कूड़ा प्रबंधन नीति लागू।
- 7954 ग्राम पंचायतों की पंचायत विकास योजना बनी।
- मेरी गांव मेरी सड़क योजना के तहत 356 योजनाएं स्वीकृत, 330 सड़कें पूर्ण, 301 किलोमीटर सड़क बनीं।

खेती किसानी
- इस वर्ष से पौड़ी में जैफ-6 एग्रीकल्चर परियोजना प्रस्तावित।
- परंपरागत कृषि विकास योजना में 1241 कलस्टर बने। 57992 किसानों को लाभ।
- जैविक खेती के तहत 112 वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण।
- मौसम आधारित फसल बीमा में रबी सीजन में 13101 और खरीफ में 48112 किसानों की फसलों का बीमा।
- हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, चंपावत और नैनीताल के 906 गांवों में चकबंदी, 426 गांव में पूरी।
- भू लेख साफ्टवेयर की प्रक्रिया पूरी।

स्वास्थ्य
- सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, संयुक्त चिकित्सालयों और राजभवन में होम्योपैथिक चिकित्सालय बनेंगे।
- 34 लाख लोगों को अटल आयुष्मान योजना के तहत गोल्डन कार्ड।
- अटल आयुष्मान योजना में 23 लाख परिवारों को निशुल्क चिकित्सा।
- डॉक्टरों के खाली पदों पर तैनाती होगी।
- 50 बैड की क्षमता के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बनेंगे।

राजस्व
- 172 करोड़ का राजस्व खनन से मिला।
- राजस्व एवं वन क्षेत्र में उपलब्ध उप खनिज के उपयोग की कोशिश जारी।

पर्यटन
- जौलीग्रांट, चिन्यालीसौड़ और गोचर से हवाई सेवा शुरू। देहरादून से पिथौरागढ़, हिंडन से पिथौरागढ़ और देहरादून से पंतनगर हवाई सेवा शुरू।
- स्वरोजगार के लिए 1946 होम स्टे का पंजीकरण।
- केदारनाथ उत्थान चेरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना।
- देहरादून से मसूरी, केदारनाथ के लिए रोपवे बनेंगे।
- प्राचीन गुफाओं को ईको टूरिज्म सर्किट के रूप में विकसित करेंगे।
- पौड़ी में झलपाली से दीवाडांडा, कीर्तिखाल से भैरवगढ़ी मंदिर, ऋषिकेश से नीलकंठ तक रोपवे बनेगा।

शिक्षा
- गरीब विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया।
- राज्य के सभी कॉलेजों में मानक के हिसाब से टीचर रखे जाने, तीन हजार से अधिक छात्र संख्या वाले कॉलेजों में सभी विषय रखने का फैसला।
- ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए गांवों को कुमाऊं विश्वविद्यालय ने गोद लिया।
- स्कूलों में एनसीईआरटी किताबों को लागू किया, पांच सौ स्कूलों में वर्चुअल क्लास रूम।
- सभी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में फर्नीचर, कंप्यूटर, पेयजल और टायलेट उपलब्ध कराएंगे।
- संस्कृत अकादमी हरिद्वार में संस्कृत चैनल स्थापित होगा।
- गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल में एक-एक आदर्श राजकीय आवासीय संस्कृत स्कूल खोले जाएंगे।
- संस्कृत स्कूलों में कंप्यूटर विषय पढ़ाया जाएगा।

खेल
- भारतीय ओलंपिक संघ के 38 वें राष्ट्रीय खेलों के लिए निर्माण कार्य जारी।

समाज कल्याण व महिला सशक्तीकरण
- नंदा गौरा योजना में 24955 को लाभ।
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 1.917 लाख की सहायता राशि दी।
- मेधावी छात्रों को मोबाइल दिए गए।

गैरसैंण
- भराड़ीसैंण में मिनी सचिवालय के लिए भूमि का चयन।
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