त्रिवेंद्र सरकार ने ही 2018 में भी यहां बजट सत्र चलाया था जो पूरे सात दिन चला। जबकि उस समय मौसम पूरी तरह अनुकूल था, लेकिन ठंड बरकरार थी। उसकी तुलना में इस बार मौसम कड़ी परीक्षा लेने के लिए पूरी तरह तैयार दिख रहा है।
2017 में भी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में दिसंबर में सत्र चलाया गया था, जिसे तीन दिन का बताया गया था, लेकिन कड़ाके की ठंड के चलते उसे दो दिन में ही निपटा लिया गया था। तब यह सरकार को सर्दी में यहां सत्र चलाना अव्यवहारिक लगा था। लेकिन इस बार मार्च में बजट सत्र होने के बावजूद मौसम फिर परीक्षा ले रहा है।
पुलिस प्रशासन के लिए भी परीक्षा
बारिश होती है तो सबसे बड़ी परीक्षा पुलिस कर्मियों को देनी होगी। हर हाल में उनको सड़क पर ही ड्यूटी देनी है। पिछले हर सत्र में पुलिस कर्मियों के लिए रहने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाई है। यदि इस बार भी ऐसा ही रहा तो पुलिस के सामने शांतिपूर्वक सत्र निपटाने के साथ ठंड से निपटने की दोहरी चुनौती होगी।