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उत्तराखंड बजट सत्र: आज मौसम ले सकता है माननीयों की कड़ी परीक्षा, कड़ाके की ठंड के आसार

Tue, 03 Mar 2020 06:27 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपेश्वर(चमोली)

सार

  • अगले तीन से चार दिन मौसम बदले रहने के आसार, बारिश भी हो सकती है
  • कड़ाके की ठंड के बीच होगा बजट सत्र का शुभारंभ 
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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उत्तराखंड के चमोली जिले में मौसम का बिगड़ा मिजाज बजट सत्र में माननीयों का कड़ा इम्तिहान लेने को तैयार है। मौसम को लेकर जिस तरह से भविष्यवाणी की जा रही है, यदि वह सही साबित होती है तो गैरसैंण में कड़ाके की ठंड पड़ेगी, ऐसे में माननीयों के लिए सत्र के तीन दिन निकालना मुश्किलभरा हो जाएगा। 

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बजट सत्र के दौरान तमाम संगठन विभिन्न मांगों को लेकर गैरसैंण कूच करने की तैयारी कर रहे हैं, जो सरकार के लिए चुनौती खड़ी करेंगे। इन संगठनों को रोकने के लिए गैरसैंण में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, लेकिन अगले तीन से चार दिनों तक जिले में बारिश की संभावना जताई जा रही है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश से गैरसैंण में वैसे ही कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

यदि बारिश होती है तो ठंड और बढ़ जाएगी और सत्र का आगाज व समापन कड़ाके की ठंड के बीच ही होगा। मौसम की इस बेरुखी के चलते ही सत्र की तैयारियों के लिए विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल का प्रस्तावित दौरा तीन बार रद्द हुआ। लगातार मौसम खराब होने से वह नहीं पहुंच पाए थे। 

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दो सत्रों में स्थिति देख चुकी है सरकार

त्रिवेंद्र सरकार ने ही 2018 में भी यहां बजट सत्र चलाया था जो पूरे सात दिन चला। जबकि उस समय मौसम पूरी तरह अनुकूल था, लेकिन ठंड बरकरार थी। उसकी तुलना में इस बार मौसम कड़ी परीक्षा लेने के लिए पूरी तरह तैयार दिख रहा है।

2017 में भी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में दिसंबर में सत्र चलाया गया था, जिसे तीन दिन का बताया गया था, लेकिन कड़ाके की ठंड के चलते उसे दो दिन में ही निपटा लिया गया था। तब यह सरकार को सर्दी में यहां सत्र चलाना अव्यवहारिक लगा था। लेकिन इस बार मार्च में बजट सत्र होने के बावजूद मौसम फिर परीक्षा ले रहा है।

पुलिस प्रशासन के लिए भी परीक्षा
बारिश होती है तो सबसे बड़ी परीक्षा पुलिस कर्मियों को देनी होगी। हर हाल में उनको सड़क पर ही ड्यूटी देनी है। पिछले हर सत्र में पुलिस कर्मियों के लिए रहने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाई है। यदि इस बार भी ऐसा ही रहा तो पुलिस के सामने शांतिपूर्वक सत्र निपटाने के साथ ठंड से निपटने की दोहरी चुनौती होगी।
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