चार जिलों का नया मंडल बन जाने से ग्रीष्मकालीन राजधानी के लोगों को कई मायनों में सहूलियत होगी। इसके साथ ही इससे अब गैरसैंण के जिला बनने की संभावना और बढ़ गई है। प्रदेश में मंडलायुक्त का सीधा सरोकार प्रशासनिक व्यवस्था के साथ ही राजस्व से भी है। राजस्व के तहत ही कुछ हद तक न्याय व्यवस्था भी है। नया मंडल बन जाने से अब कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के चार जिलों के लोगों को देहरादून और नैनीताल का चक्कर काटने से निजात मिलेगी।
दूसरी ओर, ग्रीष्मकालीन राजधानी क्षेत्र के विकास को अब प्रदेश सरकार सीधे रूप से आयुक्त के जरिये देख पाएगी। मंडलायुक्त की मौजूदगी से सरकार को इस क्षेत्र के विकास के लिए काम करने में भी आसानी होगी। इसके साथ ही गैरसैंण के अपग्रेड होने की राह भी बन गई है। प्रदेश में जिस समय रुद्रप्रयाग को जिला बनाया गया था, उस समय रुद्रप्रयाग मात्र नगर पंचायत थी। बाद में सरकार को रुद्रप्रयाग को भी नगर पालिका बनाना पड़ा था। इसी तरह गैरसैंण इस समय मात्र एक तहसील है।
यह हो जाएगा तीनों मंडलों का स्वरूप
गढ़वाल मंडल- देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी
गैरसैंण मंडल- रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा और बागेश्वर
कुमाऊं मंडल- ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत
गैरसैंण को जिला बनाया नहीं कमिश्नरी की कर दी घोषणा : हरीश रावत
गैरसैंण (भराड़ीसैंण) में बजट प्रस्तुत होने के बाद गोपेश्वर में पत्रकारों से बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि बजट राज्य के लोगों को धोखा देने वाला है। बजट की कोई दिशा नहीं है और न ही कोई होमवर्क हुआ है। यह चुनाव वर्ष के आधार पर कोरी घोषणाओं का बजट है। उन्होंने कहा कि बजट में मुख्यमंत्री को वैट घटाकर पेट्रोल और डीजल के दाम घटाने चाहिए थे।
उन्होंने कहा कि जमीनी हकीकत यह है कि सरकार पूर्व बजट का 40 प्रतिशत भी खर्च नहीं कर पाई है। गैरसैंण को कमिश्नरी बनाए जाने की घोषणा पर पूर्व सीएम ने कहा कि गैरसैंण को जिला बनाया नहीं और कमिश्नरी की घोषणा कर दी। गैरसैंण के लोगों को भी सरकार के इस निर्णय पर आश्चर्य होगा। इस मौके पर पूर्व विधायक कुंवर सिंह नेगी, ललित फरस्वाण, ब्लॉक प्रमुख विनीता देवी और तेजवीर कंडेरी आदि मौजूद थे।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि गैरसैण हमारी भावनाओं से जुड़ा है। गैरसैंण हमारी पीड़ा हमारी तकलीफ और हमारी पहचान से जुड़ा हुआ नाम है और जब हम पीड़ा की बात, कष्ट की बात करते हैं, इसका मतलब यह होता है कि जो हमारे दूरस्थ हैं उनका विकास, वहां तक पहुंच और वहां की जनसामान्य की सरकार तक पहुंच, उसके हिसाब से अपनी नीतियां बनाना, कहीं पर अगर कानूनों, एक्ट की जरूरत है तो उसको बनाया जा सकता है।
जो निर्णय हो रहे हैं वह इन सब आकांक्षाओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और जो हम चाहते हैं जहां तक हम पहुंचना चाहते हैं वहां तक हम पहुंच पाएंगे। इस पहचान के साथ हम काम कराने का प्रयास कर रहे हैं। उसके अनुसार हम अपनी नीति निर्धारण कर रहे हैं। कार्यक्रमों की योजना कर रहे हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारी जो मातृशक्ति है, उसमें ताकत है। उसमें समझ है और वह बहुत सृजनशील है। हमारी जो मां बहने हैं वो आने वाले समय में अपने पैरों पर खड़ी हुई नजर आएंगी ऐसा मेरा विश्वास है।
सोच समझकर घोषणा की जाती है
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत सोच समझकर ही घोषणा की जाती है। क्योंकि गैरसैंण ग्रीष्मकालीन राजधानी बनने के बाद यहां पर कुछ सीनियर ऑफिसर्स का बैठना बहुत जरूरी है और इसलिए दो जनपद गढ़वाल मंडल से और दो कुमाऊं मंडल से लेकर के एक नई कमिश्नरी यहां पर आज घोषित की गई है। डीआईजी रेंज का भी कार्यालय यहां पर होगा, कमिश्नर का भी कार्यालय यहां पर होगा और जो भविष्य की जो प्लानिंग है जो मैंने आज अपने बजट भाषण में कहा है कि टाउन प्लानर के लिए बहुत जल्दी टेंडर किए जाएंगे।
भूमि की उपलब्धता के आधार बनेगी प्लानिंग
उन्होंने कहा कि यहां की भौगोलिक संरचना है, जो यहां की पर्यावरण की स्थिति है, जो स्थानीय स्थापत्य कला है, भूमि की उपलब्धता के आधार पर यहां पर जो प्लानिंग कर सकें और जो ग्रीष्मकालीन राजधानी है यह बहुत सुंदर खूबसूरत और अपने आप में अलग पहचान रखने वाली हमारी और राजधानी बननी चाहिए। इस दृष्टि से आज कुछ घोषणाएं मैंने की हैं। टाउन प्लानर इसकी योजना बनाएंगे और फिर भविष्य में उसके अनुसार काम किया जाएगा।
कमिश्नर को यहां बैठना होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो भी कमिश्नर होंगे उन्हें यहां बैठना होगा। गैरसैंण का हमको पुनर्निर्माण करना है गैरसैंण को हमको नई राजधानी के रूप में इसको विकसित करना है उसके लिए बहुत जरूरी है यहां पर सीनियर ऑफिसर यहां पर बैठें।