बीते दो दिन पहले उत्तराखंड बोर्ड की ओर से 10वीं और 12वीं का परिणाम घोषित किया गया। राजधानी देहरादून के बच्चे प्रदेश की मेरिट लिस्ट में जगह नहीं बना सके। हालांकि, जिले में 10वीं और 12वीं में 14-14 छात्र-छात्राएं मेरिट में आए हैं। शिक्षकों का कहना है कि दून के बच्चों के मेरिट में जगह नहीं बनाने के पीछे की वजह भौतिक विज्ञान और गणित का कठिन पेपर रहा है।
शिक्षकों का कहना है कि 12वीं का फिजिक्स (भौतिक विज्ञान) और 10वीं का अंग्रेजी और गणित के पेपर कठिन था। कई स्कूलों में इन विषयों को पढ़ाने वाले शिक्षक तक नहीं हैं। ऐसे में बच्चे ठीक से तैयारी नहीं कर सके। इन विषयों में अंक कम आने से मेरिट में जगह नहीं बना सके। हालांकि, स्कूलों का पिछले साल की तुलना में पासिंग प्रतिशत बढ़ा है।
बीते सालों के मुकाबले इस बार विद्यालय का परिणाम अच्छा रहा है। पास होने वालों का प्रतिशत भी बढ़ा है। लेकिन छात्रों का कहना था फिजिक्स का पेपर कठिन होने की वजह से नंबर कम आए। जिसके चलते अंक प्रतिशत में कमी आई है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 में विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि विद्यालय के अधिक से अधिक छात्राएं मेरिट लिस्ट में जगह बना सकें। - प्रेमलता बौड़ाई, प्रधानाचार्य, जीजीआईसी, राजपुर रोड
इस बार फिजिक्स का पेपर कठिन था। विद्यालय में फिजिक्स का शिक्षक भी नहीं है। लेकिन छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर छात्रों को पढ़ाने के साथ परीक्षा की तैयारी कराई गई। हालांकि बीते सालों के मुकाबले इस बार 10वीं और 12वीं का पासिंग प्रतिशत में इजाफा हुआ है। - अवतार सिंह चावला, प्रधानाचार्य, श्री गुरु नानक पब्लिक बॉयज इंटर कॉलेज
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इस बार बोर्ड परीक्षा में विद्यालय का परिणाम अच्छा रहा है। 12वीं का पासिंग प्रतिशत 89 और 10वीं का 87 फीसदी रहा है। बीते सालों के मुकाबले यह बेहतर है। छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए हर संभव कार्य किए जा रहे हैं। - देवेंद्र खत्री, प्रधानाचार्य, राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज, पटेलनगर