गिरफ्तार करने वाली टीम में ये रहे मौजूद
एसटीएफ कुमाऊं यूनिट निरीक्षक एमपी सिंह, एसआई केजी मठपाल, बृजभूषण गुरुरानी, मुख्य आरक्षी महेंद्र गिरी, किशोर कुमार, दुर्गा सिंह पापड़ा, गुरवंत सिंह, संजय कुमार एवे वन विभाग की तराई पूर्वी वन प्रभाग, हल्द्वानी टीम में डिप्टी रेंजर कैलाश चंद्र तिवारी, प्रमोद सिंह, वन दरोगा पान सिंह मेहता, निर्मल रावत, उत्तम सिंह राना, वन आरक्षी जीत प्रकाश आदि मौजूद रहे।
टीम को पांच हजार रुपये इनाम देने की घोषणा
एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने उत्तराखंड की अब तक की सबसे बड़ी बाघ की खाल बरामद करने और चार आरोपियों को पकड़ने वाली टीम को बधाई दी और टीम को पांच हजार रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है। एसएसपी अग्रवाल ने बताया कि एसटीएफ और वन विभाग की टीम ने वन्यजीव तस्करी नेक्सस का भंडाफोड़ किया है। वन्यजीव तस्करों का उत्तराखंड से दिल्ली तक नेटवर्क फैला था।
एसटीएफ को कई दिनों से मिल रही थी वन्यजीव-जंतुओं के शिकार की सूचना
एसएसपी एसटीएफ आयुष अग्रवाल ने बताया कि कई दिनों से कुमाऊं के जंगलों से वन्यजीवों के शिकार की सूचनाएं मिल रही थी। इस मामले की तह तक जाने के लिए कुमाऊं यूनिट को लगाया गया था। एसटीएफ ने वाइल्ड लाइफ दिल्ली और खटीमा वन विभाग टीम के साथ संयुक्त ऑपरेशन चलाकर तस्करों को पकड़ने में सफलता हासिल की।
खटीमा रेंज में आठ साल में बाघ और तेंदुए की खाल, हड्डियां पकड़े जाने के नौ मामले
भारत-नेपाल सीमा से सटे खटीमा रेंज में आठ साल में बाघ और तेंदुए की खाल और हड्डियां पकड़े जाने के नौ मामले हैं। वन विभाग और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में खटीमा रेंज के वन क्षेत्र में 2008-09 में तेंदुए की तीन खाल, 2009-10 में तेंदुए की एक खाल, 2012-13 में तेंदुए की एक खाल और चार नाखून, 2017-18 में खाल के तीन टुकड़े और इसी वर्ष में एक और मामले में बाघ की एक खाल और हड्डियों का एक पैकेट, 2018 में ही तेंदुए की एक खाल, 2019 में बाघ की हड्डियों का एक पैकेट, 2020 में तेंदुए की एक खाल बरामद की जा चुकी है। 22 जुलाई 2023 को बाघ की एक खाल सहित बाघ की 10.4 किग्रा हड्डियां बरामद की गई है।