भराड़ीसैंण में चल रहा विधानसभा सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया है। गैरसैंण के ग्रीष्मकालीन राजधानी बनने के बाद पहला बजट सत्र आयोजित किया गया। छह दिवसीय सत्र में सदन की कार्यवाही 31 घंटे 29 मिनट चली।
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सदन की कार्यवाही एक भी दिन स्थगित नहीं हुई है। 24वीं बार सदन में तय समयावधि के भीतर तारांकित प्रश्नों का जवाब दिया गया। पहली बार सदन की कार्यवाही का लाइव प्रसारण किया गया।
शनिवार को सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद अग्रवाल ने बताया कि ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में पहली बार बजट सत्र आयोजित किया गया।
कोविड महामारी की स्थिति में भी सत्र शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ है। सत्र के दौरान कुल 639 प्रश्न प्राप्त हुए थे। इसमें 11 अल्पसूचित प्रश्नों में से तीन, 186 तारांकित प्रश्नों में 50, 352 अतारांकित प्रश्नों में 85 के उत्तर दिए गए। 81 प्रश्नों को अस्वीकार किया गया। वहीं, 32 याचिकाओं को स्वीकार किया गया। नियम 300 में प्राप्त 28 सूचनाओं में से 25 को ध्यानाकर्षण और नियम 58 में प्राप्त 23 सूचनाओं को स्वीकृत किया गया। छह दिवसीय सत्र में 10 विधेयकों को पारित किया गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सत्र के दौरान 24वीं बार सदन के भीतर सदस्यों की ओर से पूछे गए तारांकित प्रश्नों का तय समय एक घंटा 20 मिनट में जवाब दिया गया। उन्होंने कहा कि राज्य विधानसभा के इतिहास में पहली बार डीआईपीआर से सदन की कार्यवाही का लाइव प्रसारण किया गया।
उत्तराखंड विनियोग विधेयक समेत छह विधेयक पारित
विधानसभा सत्र के छठे दिन सदन में बिना चर्चा के उत्तराखंड विनियोग विधेयक समेत छह विधेयक पारित किए गए। विपक्ष के हंगामे के बीच विधेयकों को पारित किया गया। जिसमें उत्तराखंड विनियोग विधेयक 2021, उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम) संशोधन विधेयक, उत्तराखंड उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम संशोधन विधेयक, देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय विधेयक 2021, सूरजमल विश्वविद्यालय विधेयक, स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक सदन में ध्वनिमत से पारित किए गए। विपक्ष के हंगामे के बीच उत्तराखंड विनियोग विधेयक बिना चर्चा के पारित हो गया।
किच्छा विधायक के विशेषाधिकार हनन मामले की जांच
ऊधमसिंह नगर जिले के किच्छा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक राजेश शुक्ला के विशेषाधिकार हनन मामले की जांच कर सदन में रिपोर्ट रखी जाएगी। विधायक की ओर से नियम-65 के तहत उठाए गए विशेषाधिकार हनन मामले में पीठ ने अगले सदन में रिपोर्ट रखने की व्यवस्था दी है।
शनिवार को विधायक राजेश शुक्ला ने सदन को अवगत कराया कि 16 फरवरी 2021 को जिला पंचायत ऊधमसिंह नगर की बैठक बुलाई गई। इस बैठक में उन्हें नहीं बुलाया गया था। पदेन सदस्य होने के नाते वे बैठक में चले गए। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष समेत उनके पति, ससुर भी मंच पर मौजूद थे।
जिला पंचायत अध्यक्ष के पति ने उन्हें बैठक से बाहर जाने को कहा। वहीं, बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया। बैठक में अपमानित किया गया। यह अपमान सदन और सरकार भी है। शुक्ला ने कहा कि इस अपमान से वे इतने व्यथित हो गए कि उनका मन इस्तीफा देने को कर रहा था।
संसदीय कार्य मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि विधायक की शिकायत पर विशेषाधिकार हनन मामले की जांच कराकर सदन में रिपोर्ट दी जाएगी। पीठ ने व्यवस्था दी कि अगले सदन में जांच रिपोर्ट रखी जाएगी।