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विधानसभा भर्ती घोटाला: प्रेमचंद अग्रवाल पर बना इस्तीफे का दबाव, सीएम बोले- नियुक्तियां रद्द, चैप्टर क्लोज

Sat, 24 Sep 2022 06:03 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

विधानसभा भर्ती घोटाले मामले में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर भी नैतिक दबाव बनता दिख रहा है। सीएम पुष्कर सिंह धामी से भी तत्कालीन स्पीकर व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल की भूमिका से जुड़ा प्रश्न पूछा गया। जिस पर सीएम ने कहा कि जांच समिति की सिफारिश पर नियुक्तियां रद्द कर दी गई हैं और अब चैप्टर क्लोज हो गया है।
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कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विशेषज्ञ जांच कमेटी की सिफारिश पर विधानसभा में 2021 व 2022 में हुई तदर्थ नियुक्तियां रद्द होने के बाद तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल पर इस्तीफे का दबाव बन गया है। कांग्रेस, यूकेडी व अन्य दलों से उनके इस्तीफे मांग तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर भी उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने को लेकर पोस्ट वायरल हो रही है।

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इस पूरे मामले में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार पर भी नैतिक दबाव बनता दिख रहा है। पार्टी तदर्थ नियुक्तियों को रद्द करने का तो श्रेय ले रही है, लेकिन नियम विरुद्घ नियुक्तियां करने पर तत्कालीन स्पीकर की जवाबदेही और उन पर कार्रवाई के सवाल से बच रही है।

इस संबंध में पूछे जाने पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि यह मामला विधानसभा का है। पीठ के स्तर से नियुक्तियां हुईं और पीठ के स्तर से ही इन्हें रद्द करने का निर्णय हुआ। इस पूरे मामले का अध्ययन करने के बाद ही वह कुछ कहने की स्थिति में होंगे।
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सीएम बोले, नियुक्तियां रद्द, चैप्टर क्लोज
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी तत्कालीन स्पीकर व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल की भूमिका से जुड़ा प्रश्न पूछा गया। सीएम ने कहा कि जांच समिति की सिफारिश पर नियुक्तियां रद्द कर दी गई हैं और अब चैप्टर क्लोज हो गया है।

कांग्रेस ने कहा, चैप्टर तो अब खुला है...
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि चैप्टर कैसे क्लोज हो सकता है। इस पूरे प्रकरण में अभी कई सवाल हैं। समिति की वैधता से लेकर पिछले सभी कार्यकालों की जांच छोड़ देने को लेकर भी सवाल हैं। सबसे बड़ा प्रश्न उन नेताओं की भूमिका पर है, जिन्होंने जनता के साथ छल किया। तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष जो अब धामी सरकार में मंत्री हैं, उन्हें नैतिकता के आधार पर इस्तीफा क्यों नहीं देना चाहिए?
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एक के बाद एक विवाद से चर्चाओं में आते गए अग्रवाल
विधानसभा में बैक डोर भर्ती विवाद के गरमाने के बाद तत्कालीन स्पीकर व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल लगातार चर्चाओं में आते गए। बैकडोर नियुक्तियों पर पहले उनका विवादित बयान आया और उसके बाद शहरी विकास विभाग में 70 से अधिक अधिकारियों व कर्मचारियों के तबादला आदेश पर मुख्यमंत्री की ओर से रोक लगाने का मामला गरमाया। फिर एक कंपनी के खर्च पर उनकी और उनके विभाग के अफसरों की जर्मनी यात्रा को लेकर भी खूब चर्चाएं हुईं।

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