देहरादून। उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र युसुफ में जैव विविधता एवं मानव स्वास्थ्य विषय पर एक वेबीनार आयोजित हुई। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस वेबीनार में प्रदेश के कई विशेषज्ञों ने अपने अपने विचार रखे। पूर्व मुख्य संरक्षक डॉ आरबीएस रावत ने जैव विविधता के संरक्षण कार्य करने को का आह्वान किया। डॉ रावत ने सभी स्टेकहोल्डर से एक साथ सामूहिक प्रयास करने को कहा। ताकि, प्रदेश व देश में बनेगी वानिकीकरन को बढ़ाया जा सके और प्राकृतिक जल स्रोतों का संरक्षण व उन को पुनर्जीवित किया जा सके। मुख्य वक्ता पर्यावरणविद सच्चिदानंद भारती ने कहा कि उन्होंने किस प्रकार सामाजिक रूप से लोगों को जोड़ते हुए पहाड़ के वनों में वृद्धि और जल स्रोतों को रिचार्ज किया। कहा कि राज्य के पर्वतीय भाग के नाले धारे गधे रे आदि को पुनर्जीवित किया जा सकता है। कार्यक्रम में प्रोफेसर जेएस रावत ने कुमाऊ के भूभाग में अवस्थित कोसी नदी व उसकी सहायक नदियों को पुनर्जीवित करने संबंधी कार्यों को प्रस्तुत किया। इस वेबीनार में मुख्य रूप से डॉक्टर ओम प्रकाश नौटियाल डॉ राजेंद्र सिंह राणा डॉक्टर भावना शर्मा उमेश जोशी ओम जोशी राजदीप आदि ने सक्रिय भाग लिया।