देवपाल की हत्या के तार न केवल ऋषिपाल राणा बल्कि उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तरप्रदेश के कुख्यात से भी जुड़े हैं।
देवपाल की हत्या के तार न केवल ऋषिपाल राणा बल्कि उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तरप्रदेश के कुख्यात संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा से भी जुड़े हैं। सूत्रों की माने तो जिले में कई जमीनों के मामले में देवपाल जीवा के निशाने
पर था। खबर यहां तक भी है कि इससे पहले कई बार जीवा ने देवपाल की हत्या का प्रयास भी किया। लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिल सकी।
बीते साल हरिद्वार में अमित दीक्षित उर्फ गोल्डी की हत्या कराने का आरोपी संजीव दीक्षित उर्फ जीवा यूपी और उत्तराखंड के अपराधियों के लिए भी चुनौती बना हुआ है। जुर्म की दुनिया में जीवा के नाम का सिक्का चलता है। यही
कारण है कि राठी गैंग समेत अन्य गैंगों के साथ जीवा का छत्तीस का ही आंकड़ा रहा है। यहां यह बताना भी महत्वपूर्ण है कि राठी गैंग प्रापर्टी का कारोबार देवपाल के जरिए मैनेज करता था। वहीं जीवा की भी इस कारोबार में खासी दखल है।
सूत्रों की माने जमीन विवाद के चलते ही कई बार जीवा, देवपाल के आड़े आया और दोनों में कई बार ठनी। बताया जाता है कि काफी समय से देवपाल, जीवा के निशाने पर था। सूत्रों के मुताबिक जहां ऋषिपाल राणा देवपाल से रंजिश रखता था, तो इसी की फायदा जीवा भी उठाना चाहता था। ऐसे में माना जा रहा है कि इस हत्या के पीछे जीवा गैंग के भी तार जुड़े हैं।