जोशीमठ में क्वारंटीन अवधि पूर्ण करने वाले साधु-संतों को बदरीनाथ धाम में तपस्या करने की सशर्त अनुमति भी दे दी गई है। धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने बताया कि साधु-संत बदरीनाथ धाम में अपनी कुटिया में ही तपस्या करेंगे। 30 जून तक किसी को भी बदरीनाथ धाम में दर्शन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
सरकार ने देवस्थानम बोर्ड को दिया था निर्णय लेने का अधिकार
बात दें कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए चारधाम बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री के हक-हकूकधारी फिलहाल चारधाम यात्रा के पक्ष में नहीं हैं। वे यात्रा शुरू करने का निरंतर विरोध भी करते आ रहे हैं। वहीं, चारधाम यात्रा शुरू करने का जिम्मा देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड को सौंपे जाने के सरकार के आदेश के बाद बोर्ड सोमवार को सक्रिय हो गया है।
अन्य राज्यों के श्रद्धालु नहीं आ सकेंगे
प्रदेश सरकार के स्तर से जारी गाइडलाइन से स्पष्ट है कि चारधाम यात्रा जब भी शुरू होगी व प्रदेश के अन्य धार्मिक स्थलों में दर्शन के लिए केवल राज्य के नागरिकों को अनुमति होगी। प्रदेश के बाहर के लोगों को यात्रा और धार्मिक स्थलों में दर्शन की अनुमति नहीं होगी।