सामाजिक संस्था धाद और अमर उजाला के संयुक्त तत्वावधान में हरेला महापर्व और घी संग्रांद अभियान के तहत सोमवार को बनियावाला क्षेत्र के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पांच पौधे रोपकर बाल वन बनाने की पहल की गई। बाल वन का प्रस्ताव धाद के केंद्रीय सचिव तन्मय मंमगाई ने रखा, जिसे स्कूल के शिक्षकों और लोगों ने सहमति प्रदान की।
तन्मय मंमगाई ने बताया कि हरेला 2010 में महाअभियान के तहत ऐसे स्कूलों में बाल वन बनाने का प्रावधान किया गया है। जहां 100 या फिर उससे अधिक वृक्ष लगाने की संभावना है। इसके तहत तीन साल पहले बनियावाला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के मैदान के चारों ओर कई पौधे रोपे गए थे। बताया कि पौधों के संरक्षक स्कूल के छात्र होंगे। इस मौके पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य डॉ. रविंद्र ने बताया कि छात्र रचनात्मक गतिविधि में हमेशा अग्रणी रहे और हरेला अभियान के तहत बाल वन के संकल्प को भी पूरा करेंगे। बताया कि बाल वन के विकास के लिए लोगों और छात्रों की बाल वन समिति बनाई जाएगी, जो पौधो की देखभाल और संरक्षण करेगी।
कुलदीप काला ने कहा कि वह अपने बच्चों के जन्मदिन पर हर वर्ष पौधे लगाते हैं। अपने गांव के पास क्षेत्र के जंगल में 100 से अधिक बांज और फलदार वृक्ष लगाए हैं, जो अब छाया और फल देने लगे हैं। अभिभावक संघ के पूर्व अध्यक्ष सागर ने कहा कि स्कूल की हरियाली धाद की संस्था की पहल पर ही आई थी, अब इसे आगे ले जाना है। पार्षद बीना रतूड़ी ने कहा कि अगर आज एक बच्चा एक पौधा लगाने और उसे बचाने का संकल्प ले, तो बड़ा योगदान होगा। संचालन दयानंद डोभाल ने किया। इस मौके पर गणेश चंद्र उनियाल, आशा डोभाल, अरविंद पाल, साकेत रावत, सुरेंद्र अमोली, महेंद्र रावत, ईशा वर्मा, सचेतना सिंह, वीरेंद्र चंद, हेमंत बिष्ट, वीरेंद्र कुमार, शुभम शर्मा, विनोद कुमार आदि मौजूद थे।