महिला सुरक्षा को लेकर देहरादून सिटीजन फोरम की अगुवाई में शनिवार की शाम दर्जनों संगठनों के कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क के बाहर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सीएम को 12 बिंदुओं पर मांग पत्र सौंपने की जानकारी साझा की।
कार्यकर्ताओं ने आईएसबीटी में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म, रुद्रप्रयाग में नर्स की हत्या, कोलकाता में ट्रेनी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और अंकिता भंडारी के मामले पर विरोध दर्ज कराया गया। अनूप नौटियाल ने मांगपत्र पढ़कर सुनाते हुए कहा कि अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ इस बात पर भी विचार करना चाहिए कि इस तरह की घटनाएं क्यों हो रही हैं? सार्वजनिक स्थान पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित क्यों नहीं हो पा रही है। कार्यकर्ताओं ने कोलकाता व उत्तराखंड की घटनाओं में शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की। इसके अलावा दुष्कर्म के मामलों में त्वरित सुनवाई, मिडिल स्कूल स्तर से जागरूकता सत्र, सरकारी एजेंसियों व पुलिसकर्मियों के लिए कार्यशालाएं, रात में पुलिस गश्त बढ़ाने, सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय, सीसीटीवी, सड़कों पर रोशनी, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम, गुंडागर्दी, शराब की दुकानों और पब कल्चर पर रोक की मांग की गई। इस दौरान रामिंद्री मनद्रियाल, आशा डोभाल, सरगम मेहरा, जया सिंह, कमला पंत, रंजोना बनर्जी ने अपने विचार रखे। संचालन जगमोहन मेहंदीरत्ता ने किया। इस मौके अतुल शर्मा, त्रिलोचन भट्ट, सुषमा वर्मा, लोकेश ओहरी, अनीश लाल, जया सिंह आदि मौजूूद रहे।