शहरी विकास निदेशालय के निर्देश के तहत नगरपालिका सभागार में जीआईएस बेस्ड प्रोपर्टी टैक्स मैपिंग के सर्वे को लेकर बैठक हुई। इसमें जनप्रतिनिधियों, स्कूलों के प्रतिनिधियों और लोगों ने प्रतिभाग किया। अधिकृत फर्म की ओर से बताया गया कि शहर के ड्रोन सर्वे के बाद अब संपत्तियों का डोर टु डोर सर्वे किया जाएगा।
निवर्तमान पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता ने कहा कि सर्वे कार्य पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। सर्वे के नाम पर आमजन का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। पूर्व पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने सवाल उठाया कि जिन लोगों ने अवैध कब्जा कर होटल, आवास बना दिए हैं तो क्या वो लोग भी अवैध भवन के स्वामी हो जाएंगे। कई बड़े संस्थानों ने ड्रोन सर्वे की अनुमति नहीं दी है तो उनका सर्वे पालिका या फर्म कैसे करेगी। कहा कि सर्वे के लिए पालिका प्रशासन को आम सहमति बनानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नही किया गया है।
नगर पालिका अधिशासी अधिकारी राजेश नैथानी ने कहा कि नगर पालिका को डिजिटल किया जाना है, जिसके तहत संपत्तियों का सर्वे किया जाना है। इससे एक अप्रैल 2025 से के बाद लोग ऑनलाइन अपना टैक्स जमा, म्यूटेशन सहित अन्य कार्य कर पाएंगे। कहा कि सर्वे से अतिक्रमण करने वालों को मालिकाना हक नहीं मिलेगा। कहा सर्वे के बाद पालिका का टैक्स बढ़ेगा।
इस दौरान ईओ राजवीर सिंह चौहान, ट्रेडर्स एसोसिएशन अध्यक्ष रजत अग्रवाल, भारत भूषण, जगजीत कुकरेजा, ललित मोहन काला, कर अधीक्षक विनय प्रताप सिंह, होटल एसोसिएशन अध्यक्ष संजय अग्रवाल, जय प्रकाश राणा आदि मौजूद रहे।