उत्तरांचल महिला एसोसिएशन (उमा) की ओर से स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम के तहत मिलेट्स का जायका सेहत का फायदा विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान मीठा और नमकीन दो भागों में प्रतियोगिता हुई। इसमें 40 महिलाओं ने भाग लिया। मीठा वर्ग में कृष्णा जयसवाल और नमकीन वर्ग में मोनिका को उमा शेफ कैप पहनाकर उमा अन्नपूर्णा का खिताब दिया गया।
रविवार को सुभाष रोड स्थित एक होटल में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, डीआईजी पी रेनुका देवी, बीएफआईटी के चेयरमैन जेएस अरोरा, राजेंद्र कौर अरोरा, इंद्राणी पांधी, एसोसिएशन की अध्यक्ष साधना शर्मा और सचिव नीलिमा गर्ग ने किया। डॉ. गीता खन्ना ने कहा कि जैसे-जैसे मोटे अनाज की मांग बढ़ेगी, उसी अनुरूप किसानों की आय भी बढ़ेगी। मनोवैज्ञानिक डॉ. श्रवी अमर अत्री ने कहा कि भोजन खुश हार्मोन जारी करने और अच्छा महसूस कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डीआईजी पी रेनुका देवी ने कहा, मोटा अनाज जिसे हमने अपने खान-पान से दूर कर दिया था, उसकी विशेषता का ज्ञान हमें तब हुआ जब पूरे विश्व ने वर्ष 2023 को मिलेट्स इयर के रूप में मनाया।
साधना शर्मा ने कहा, युवा पीढ़ी व बच्चों पर बढ़ती पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव का परिणाम है कि वे अपने परंपरागत खानपान से दूर होकर विदेशी व फास्टफूड के दीवाने हो रहे हैं, जिसका दुष्प्रभाव उनकी सेहत पर पड़ रहा है। इस दौरान जौ व रागी की इडली, ज्वार का पिज्जा व केक, मंडुवा सैंडविच, बाजरे का हलवा, झिंगोरा पुडिंग, सत्तू कबाब आदि व्यंजन आकर्षण का केंद्र रहे।
प्रतियोगिता में नमकीन वर्ग में अर्चना सिंघल दूसरे और अनिता गुप्ता तीसरे स्थान पर रही। मीठा वर्ग में मधु गुप्ता ने दूसरा और स्वाति ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।