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I गेट नंबर एक से तीन के बीचे रोपे गए पौधेI
प्रदेश में मनाए जा रहे हरेला पर्व के तहत एम्स में विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग प्रजातियों के 100 से अधिक पौधे रोपे गए। इस दौरान शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि प्राण वायु के लिए पेड़ों का होना जरूरी है। पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन करना प्रत्येक व्यक्ति की नैतिक जिम्मेदारी है।
सोमवार को एम्स परिसर में आयोजित कार्यक्रम में संस्थान के फैकल्टी सदस्यों व अधिकारियों ने आंवला, बेहडा़, जामुन, नीम, गुलमोहर, तेजपत्ता, शीशम, कचनार आदि प्रजातियों के 100 से अधिक फलदार व छायादार पौधे रोपे। परिसर में हर्बल गार्डन, नर्सिंग काॅलेज क्षेत्र और संस्थान के गेट नंबर एक से तीन के बीच कई स्थानों पर पौधरोपण किया गया।
शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज और उत्तराखंड महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने निदेशक कार्यालय के पास नीम का पौधा रोपा। स्वामी राजराजेश्वराश्रम ने कहा कि धरती में पर्यावरण संतुलन के लिए लोक परंपरा का निर्वहन करते हुए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को पौधरोपण करना चाहिए। धरती पर जब वृक्ष होंगे, तभी जीवन बचेगा। एम्स निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने कहा कि वृक्षों से ही धरती हरी-भरी होती है। उन्होंने पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए पौधरोपण की आवश्यकता जताई।
इस मौके पर चिकित्सा अधीक्षक प्रो. संजीव कुुमार मित्तल, डाॅ. पूजा भदौरिया, एसडीएम कुमकुम जोशी, नगर आयुक्त शैलेंद्र नेगी, वन क्षेत्राधिकारी गंभीर सिंह धमांदा, प्रदीप चंद्र पांडे, राजेश जुयाल, पीआरओ संदीप कुमार सिंह, प्रशासनिक अधिकारी गौरव बडोला आदि मौजूद रहे।
वहीं राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने केंद्रीय विद्यालय वीरभद्र में जन कल्याण समिति की महिलाओं के साथ जम्मू कश्मीर के कठुआ में आतंकी हमले में बलिदान हुए उत्तराखंड के वीर सैनिकों की स्मृति में पौधरोपण किया।