गोविंदघाट में अलकनंदा नदी पर निर्माणाधीन 45 मीटर लंबे बैलीब्रिज का एक हिस्सा अचानक टूट गया। तेज हवा के कारण ब्रिज के पार्ट्स नदी में गिरने से यह एक ओर झुक गया है। गनीमत रही कि इस दौरान ब्रिज पर कोई मजदूर नहीं था जिससे बड़ी अनहोनी होने से बच गई। अब लोक निर्माण विभाग की ओर से ब्रिज के पार्ट्स खोलकर दोबारा जोड़े जाएंगे। इसमें लगभग दस दिन तक का समय लगेगा। ब्रिज निर्माण का कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया था।
गोविंदघाट में बीते चार मार्च को झूलती चट्टान का एक बड़ा हिस्सा अचानक टूटने से अलकनंदा नदी पर निर्मित मोटर पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। इस कारण हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी के साथ ही पुलना और भ्यूंडार गांव की आवाजाही बंद हो गई थी। 8 मार्च को गोविंदघाट में लोनिवि ने बैलीब्रिज बनाने का काम शुरू किया था।
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यात्रा सुविधाएं जुटाने का काम होगा प्रभावित
बैलीब्रिज के क्षतिग्रस्त होने से हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर सुविधाएं जुटाने का काम भी प्रभावित हो गया है। हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा 25 मई से शुरू होगी। पैदल यात्रा मार्ग पर पुलना से घांघरिया तक बिजली और पानी की सुचारु सप्लाई करने का काम शुरू होना है। इसके अलावा सेना की टीम की ओर से घांघरिया से हेमकुंड साहिब तक बर्फ हटाने का काम भी किया जाना है। ब्रिज का काम प्रभावित होने से गोविंदघाट से पुलना तक सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों का सुधारीकरण कार्य भी शुरू नहीं हो पाया है।