यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में हाकम सिंह समेत अन्य आरोपियों का हिसाब अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भी करेगा। अब तक पकड़े गए लोगों की बेहिसाब संपत्तियों के बारे में भी पता चला हैं। ऐसे में एसटीएफ ने सभी आरोपियों की रिपोर्ट ईडी को भेज दी है। साथ ही 15 अहम गवाहों के मजिस्ट्रेट के समक्ष कलमबद्ध बयान भी दर्ज कराए हैं।
इस मामले में एसटीएफ आरोपियों के पास से अब तक 83 लाख रुपये नकद बरामद कर चुकी है। बताया जा रहा है कि अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र 15 से 20 लाख रुपये में बेचा गया था। ऐसे में यह मामला करोड़ों के लेनदेन का माना जा रहा है। एक-एक नकल कराने वाले के पास 50 से 70 लाख रुपये तक आए हैं। प्रिंटिग प्रेस के कर्मचारी ने भी इसी पैसे से तमाम संपत्ति खरीदी थी। यही नहीं, कई लोगों के बारे में भी एसटीएफ ने बहुत सी संपत्तियों का ब्योरा जुटाया है।
एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि इस मामले में आरोपियों की संपत्तियों की जानकारी ईडी को भेज दी गई है। एफआईआर और अब तक जांच में मिले तथ्यों को भी ईडी के साथ साझा किया गया है। मामले में जांच को पुख्ता करने के लिए 15 गवाहों के कलमबद्ध बयान न्यायालय में कराए गए हैं ताकि एसटीएफ को दिए बयानों की पुष्टि हो सके। आरोपियों के खिलाफ और भी मजबूत साक्ष्य इकट्ठे किए जा सकें।
हाकम सिंह की संपत्तियों की है काफी चर्चा
जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह रावत इस खेल का पुराना खिलाड़ी बताया जा रहा है। एक दशक से भी कम समय में उसने अकूत संपत्ति हासिल कर ली है। ड्राइवर और कुक की नौकरी करने के बाद वह जिला पंचायत की राजनीति में सक्रिय हो गया। पिछले जिला पंचायत चुनाव में वह सदस्य भी बन गया। इस दरम्यान उसने रिजॉर्ट, सेब के बगीचे और न जाने कितनी बेशकीमती संपत्ति अर्जित कर ली। माना जा रहा है कि यदि ईडी इस मामले में जांच शुरू करती है तो सबसे ज्यादा चोट हाकम सिंह को ही पहुंचने वाली है।