खौफ में आ गया था मूसा
मूसा नेपाल तो चला गया, लेकिन वहां भी उसे पनाह नहीं मिल पाई। उसने तमाम एजेंसियों से संपर्क किया कि उसे सिंगापुर आदि जगहों पर भेज दे। मगर, इन एजेंसियों ने भी भारतीय एजेंसियों तक यह बात पहुंचा दी। सात दिन बाद मूसा और योगेश्वर लखनऊ आ गए। यहां से मूसा ने अपने वकील के माध्यम से सरेंडर अर्जी कोर्ट में लगाई।
इसके बाद एसटीएफ ने इसे भी गोपनीय ऑपरेशन के तहत रखा। तब मूसा को लग गया कि वह नहीं बचेगा। इधर, इनामी राशि बढ़ने से उसे उत्तर प्रदेश पुलिस का भी खौफ सताने लगा। आखिरकार उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश एसटीएफ के संयुक्त प्रयासों से बृहस्पतिवार को मूसा गिरफ्तार हो गया।