पेपर लीक मामले में पंतनगर विश्वविद्यालय के पूर्व अधिकारी दिनेश चंद जोशी को गैंगस्टर एक्ट में भी जमानत मिल गई है। जोशी के खिलाफ विजिलेंस ने भी अक्तूबर में मुकदमा दर्ज किया था। जोशी को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और दो जमानती देने पर जमानत दी गई है।
जुलाई में एसटीएफ ने पेपर लीक (स्नातक स्तरीय परीक्षा) मामले में जांच शुरू की थी। मामले में 42 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें से आरएमएस कंपनी के मालिक राजेश चौहान समेत 21 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में भी मुकदमा दर्ज किया गया था।
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आरोपियों में पंत नगर विवि के पूर्व अधिकारी दिनेश चंद जोशी भी शामिल हैं। जोशी पर आरोप है कि उन्होंने आरएमएस कंपनी के अफसरों के साथ मिलकर पेपर लीक कराया था। जोशी को पिछले माह धोखाधड़ी और जालसाजी के मुकदमे में जमानत मिल चुकी है। इसी क्रम में गैंगस्टर में भी जमानत के लिए अर्जी लगाई गई थी।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता चंद्रशेखर तिवारी ने कोर्ट में तर्क दिया कि जोशी को झूठा फंसाया गया है। उनके पास से धन की रिकवरी नहीं हुई थी। इसी तरह गैंगस्टर एक्ट में भी गैंग चार्ट में दो मुकदमे हैं। इनमें से एक मुकदमा विजिलेंस की ओर से दर्ज किया गया है।
इस मुकदमे में न तो उनकी गिरफ्तारी की गई और न ही विवेचना अधिकारी ने ज्यूडिशियल रिमांड ही मांगा है। इस आधार पर जोशी को जमानत दे देनी चाहिए। बचाव पक्ष के तर्क का अभियोजन ने भी कोई विरोध नहीं किया। इस पर स्पेशल जज गैंगस्टर एक्ट चंद्रमणि राय की अदालत ने जोशी को जमानत दे दी।