उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की वन दरोगा भर्ती परीक्षा में आधे से ज्यादा अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। कुल 51,961 में से 24,790 ने ही परीक्षा दी। आयोग के मुताबिक, सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण रही। पेपर लीक होने के बाद आयोग ने वन दरोगा भर्ती परीक्षा दोबारा कराई है।
रविवार को देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर व अल्मोड़ा के 139 केंद्रों पर परीक्षा हुई। परीक्षा में अभ्यर्थियों की उपस्थिति का प्रतिशत 47.7 रहा। देहरादून में 41 केंद्रों पर 49.53 प्रतिशत, हरिद्वार में 22 केंद्रों पर 50.79 प्रतिशत उपस्थिति रही।
इसी तरह पौड़ी गढ़वाल में 15 केंद्रों पर 41.29 प्रतिशत, उत्तरकाशी में 11 केंद्रों पर 57.88 प्रतिशत, पिथौरागढ़ में पांच केंद्रों पर 48.04 प्रतिशत, नैनीताल में 27 केंद्रों पर 42.44 प्रतिशत, ऊधमसिंह नगर में आठ केंद्रों पर 50.26 प्रतिशत, अल्मोड़ा में 10 केंद्रों पर 43.83 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।
हर अभ्यर्थी की हुई जांच
खुद अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने जीजीआईसी राजपुर रोड सहित कई केंद्रों का दौरा किया और परीक्षा की व्यवस्थाएं परखीं। इस बाबत आयोग के सचिव सुरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि जिला प्रशासन, शासन की मदद से परीक्षा पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और शुचितापूर्ण तरीके से हुई। किसी भी केंद्र पर किसी तरह की गड़बड़ी की कोई शिकायत नहीं मिली।
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बताया कि परीक्षा में बायोमीट्रिक हाजिरी, सीसीटीवी व जैमर्स का भी उपयोग किया गया। पुलिस ने हर अभ्यर्थी को जांच के बाद ही भीतर जाने दिया। अब नौ जुलाई को आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा प्रस्तावित है, जिसकी तैयारी में आयोग जुट गया है।