राज्य सरकार जल्द करेगी तारीख की घोषणा
यूसीसी की नियमावली लागू करने के लिए सरकार ने अभी तक कोई तारीख निर्धारित नहीं की थी, सिर्फ नियमों को जल्द लागू करने का दावा किया गया था। इस बीच लोकसभा चुनाव भी हुए। समिति के अनुसार, यूसीसी सीधे सीधे आम लोगों से जुड़ा है, जिसे पूर्ण तैयारी के साथ ही लागू किया जाना तय हुआ। इसकी नियमावली तैयार करने का काम लगभग 60 फीसदी पूरा हो चुका है, लेकिन उससे ज्यादा जरूरी है यूसीसी लागू करने वाले पोर्टल को यूजर फ्रेंडली बनाना, जिस पर इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी डेवलेपमेंट एजेंसी (आईटीडीए) का काम लगभग 90 फीसदी पूरा हो चुका है।
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विवाह, तलाक और लिव इन पंजीकरण होगा आसान
इस एक्ट के तहत विवाह, तलाक और लिव इन में रहने वालों के लिए पंजीकरण अनिवार्य है, इसलिए पोर्टल पर तीनों के पंजीकरण की प्रक्रिया को यूजर फ्रेंडली बनाया जा रहा है। इतना सरल सिस्टम बनाने की कोशिश है कि इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले स्वयं अपनी शादी, तलाक या लिव इन रिलेशन का पंजीकरण करवा सकेंगे। जो लोग इंटरनेट या सिस्टम से सहज नही हैं, वो कॉमन सर्विस सेंटर से इन सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे। ये सेंटर उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों की पहुंच में भी हैं। मोबाइल से घर बैठे पंजीकरण के लिए मोबाइल एप्लीकेशन भी तैयार किया जा रहा है।