गढ़ी कैंट स्थित हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र में प्रथम समान नागरिक संहिता दिवस के अवसर पर आयोजित
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूसीसी में बहुविवाह और विवाह विच्छेद के मामले में अलग से प्रावधान करते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने जानकारी दी कि हाल के दिनों में बहुविवाह और विच्छेद के मामले सामने आए हैं। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान ही अधिकारियों को इस मामले में होमवर्क कर कार्रवाई के प्रावधान करने को कहा। गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि यह जानकारी मंगलवार को ही मुख्यमंत्री ने दी है। ऐसे में इसके लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि इन मामलों की पड़ताल करें। ताकि, इनमें सख्त से सख्त कार्रवाई की जा सके। हाल ही में राज्य सरकार ने यूसीसी में आवश्यक संशोधनों से संबंधित विधेयक पारित किया था। इसे एक दिन पहले ही राज्यपाल ने स्वीकृति दी है। इसके अंतर्गत विवाह के समय अपनी पहचान छिपाने या गलत तथ्य बताने पर विवाह को निरस्त कर दिया जाएगा। इसके साथ ही, विवाह एवं लिव-इन संबंधों में किसी भी प्रकार के बल, दबाव, धोखाधड़ी या कानून के खिलाफ कामों के लिए कठोर दंड के प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं। बहुविवाह व विच्छेद के मामलों में भी इस तरह से दंड के प्रावधान किए जाएंगे। बता दें कि नागरिकों की सहूलियत को देखते हुए कई संशोधन किए गए हैं। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, डॉ. धन सिंह रावत, सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, सविता कपूर, सुरेश गड़िया, बृज भूषण गैरोला, डीजीपी दीपम सेठ, यूसीसी समिति के सदस्य पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, दून विवि की वीसी प्रो सुरेखा डंगवाल, मनु गौड़, अजय मिश्रा, विशेष सचिव गृह निवेदिता कुकरेती समेत कई अधिकारी शामिल रहे।