इसके बाद उन्होंने बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे की वायर काट डाली। चोरों ने बैंक के स्ट्रांग रूम में घुसने की असफल कोशिश की। इस दौरान वे अत्याधुनिक कटर और मशीनें मौके पर ही छोड़ गए।
बदमाश बैंक और बैंक के गार्ड वीरेंद्र सिंह रौतेला की बंदूकें ले गए। ये दोनों बंदूकें दीवार पर टांग कर रखी गई थीं। शाखा प्रबंधक विनिल सिंह बिष्ट की ओर से कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई है। घटना का पता सुबह छह बजे तब चला, जब सफाईकर्मी बैंक की सफाई के लिए पहुंचा।
बैंक में सामान बिखरा होने पर सफाई कर्मी ने तत्काल इसकी सूचना बैंक के अधिकारियों और कोतवाली पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने बैंक में पहुंचकर मौका मुआयना किया और बदमाशों द्वारा वहां छोड़े गए कटर, अत्याधुनिक मशीनों को कब्जे ले लिया। पुलिस ने चोरों द्वारा हटाई गई सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर भी बरामद कर ली है।
जिला सहकारी बैंक की चेस्ट और मार्निंग ब्रांच को सितंबर 2013 में मुख्य ब्रांच से हटाकर जिला सहकारी भेषज संघ के भवन पर स्थानांतरित कर दिया गया था, लेकिन जिला सहकारी भेषज संघ का भवन जीर्ण-शीर्ण है। बावजूद इसके जिला सहकारी बैंक की ओर से चेस्ट और मार्निंग शाखा को इस भवन में स्थानांतरित कर दिया गया।
पूर्व में बैंक में नाइट गार्ड की व्यवस्था थी, लेकिन वर्ष 2017 में बैंक ने नाइट गार्ड की व्यवस्था को समाप्त करते हुए 15 सुरक्षा गार्डों को बाहर का रास्ता दिखा दिया था, तब से बैंक में रात के समय में बैंक की सुरक्षा राम भरोसे चल रही थी।
सरकारी कार्यालयों को निशाना बनाने से पुलिस के फूले हाथ-पांव
गत 31 अगस्त की रात को बदमाशों ने वन निगम और नेशनल इंश्योरेंस के कार्यालय के ताले तोड़े थे। नेशनल इंश्योरेंस के कार्यालय से चोर लाखों की नकदी उड़ा ले गए। इस मामले में अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं। रविवार की रात जिला सहकारी बैंक में लूट के प्रयास के बाद पुलिस के हाथ पांव फूल गए हैं। सीओ जेआर जोशी और कोतवाल मनोज रतूड़ी स्वयं जांच की कमान संभाले हुए हैं। पुलिस की सीआईयू की टीम ने भी बैंक पहुंचकर साक्ष्य जुटाए।