सरकारी स्कूलों में शिक्षा का क्या मखौल उड़ाया जा रहा है, बृहस्पतिवार को प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी के निरीक्षण में इसकी हकीकत सामने आई। लक्सर क्षेत्र के स्कूलों में कहीं बच्चे सड़क किनारे खेलते मिले तो कहीं स्कूल टाइम में शिक्षक और बच्चे पार्टी करते दिखे। एक स्कूल में तो पिछले साल अक्तूबर के बाद मिड-डे-मील का कोई लेखा-जोखा ही नहीं मिला। खुली लापरवाही सामने आने पर प्रभारी सीईओ डा. पुष्पा रानी वर्मा ने दो प्रधानाध्यापकों को निलंबित कर दिया। जबकि एक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
स्कूलों की दशा और दिशा में सुधार लाने के लिए प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सभी अधिकारियों को रोजाना एक स्कूल का निरीक्षण करने के बाद ही दफ्तर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। बृहस्पतिवार को प्रभारी सीईओ डा. पुष्पा रानी वर्मा खुद लक्सर क्षेत्र के स्कूलों का हाल जानने पहुंची। पीपली गांव में लक्सर-हरिद्वार मार्ग पर स्थित राजकीय प्राइमरी स्कूल के छात्र-छात्राएं सड़क किनारे खेलते हुए मिले।
मार्ग पर यातायात का भारी दबाव होने के चलते बच्चे किसी हादसे का शिकार भी हो सकते थे। वहीं पिछले छह अप्रैल को प्रवेश दिवस मनाते हुए अधिक से अधिक बच्चों का दाखिला कराने पर जोर दिया गया। इस स्कूल में कक्षा एक में केवल एक प्रवेश पाया गया। स्कूल की प्रधानाचार्य शोभा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इसके बाद अकबरपुर ऊद गांव के राजकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल का निरीक्षण किया तो यहां अक्तूबर 2016 के बाद मिड-डे-मील को लेकर कोई हिसाब किताब ही नहीं मिला। दो ब्लैंक बिल भी जब्त कर लिए गए। स्कूल में पंजीकृत 185 छात्र-छात्राओं में केवल 85 ही स्कूल में हाजिर थे। 100 बच्चों का गैरहाजिर रहना भी गंभीर है। लिहाजा यहां भी प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया गया।
इसके बाद प्रभारी सीईओ डा. वर्मा इसी गांव के हाईस्कूल पहुंची। यहां स्कूल टाइम में शिक्षक और बच्चे विदाई पार्टी करते दिखे। कक्षा 10 में 70 में केवल 10 छात्र मौजूद थे। नवीं कक्षा में प्रवेश 16 बच्चों को दिया गया पर कक्षा सिर्फ 10 ही हाजिर मिले। स्कूल से प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी डा. पुष्पा रानी वर्मा ने बताया कि तीनों स्कूलों के निरीक्षण में लापरवाही सामने आई है। दो प्रधानाध्यापकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। एक प्रधानाध्यापक से बड़ी संख्या में बच्चों के गैरहाजिर रहने और स्कूल की अव्यवस्थाओं को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।