सहसपुर ब्लॉक क्षेत्र के कंडोली में 10 आम के हरे पेड़ों को उखाड़कर भूमि को समतल कर रहे दो लोगों को वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। तीन आरोपी वनकर्मियों को चकमा देकर फरार हो गए। टीम को घटनास्थल से एक जेसीबी और कार मिली। वन विभाग ने आरोपियों को उद्यान विभाग के हवाले कर दिया है। वहीं, वाहनों को पुलिस को सुपुर्द कर दिया है। उद्यान विभाग आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करवाने की तैयारी कर रहा है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार को भूमि संरक्षण वन प्रभाग कालसी की झाझरा रेंज के वनकर्मी कंडोली गांव के पास मधवाला चौक के पास गश्त कर रहे थे। इस दौरान वनकर्मियों को निजी भूमि पर जेसीबी से आम के हरे पेड़ उखाड़ने की सूचना मिली। वनकर्मी मौके पर पहुंचे और एक आरोपी को दबोच लिया। वहीं, दूसरे आरोपी को उसके घर पर दबिश देकर पकड़ा गया। तीन लोग मौके से भागने में कामयाब रहे।
झाझरा रेंज की वन क्षेत्राधिकारी दीक्षा भट्ट ने बताया पकड़े गए आरोपियों की पहचान सेलाकुई क्षेत्र के भाऊवाला, भानवाला, रामपुर निवासी राहुल गौड़ और सोहन सिंह के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि सोहन सिंह जेसीबी चालक है। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि पांचों व्यक्ति फलदार पड़ों को उखाड़ने के बाद जेसीबी से गड्ढा खोदकर पेड़ों को भूमि के अंदर दबा कर उसे समतल कर रहे थे। बताया कि दोनों व्यक्तियों को उद्यान विभाग के कर्मचारी मंगल सैन को सौंपा गया है। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि इससे पहले भी वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर 20 फलदार पेड़ों को कटने से बचाया था।
माफिया ऐसे कर रहे हरे भरे बगीचों को साफ
कंडोली में जिस प्लॉटिंग में फलदार पेड़ों को उखाड़कर भूमि का समतलीकरण किया जा रहा था, वहां कभी एक बड़ा बगीचा हुआ करता था। यहां अब भी आसपास बड़ी संख्या में फलदार पेड़ हैं। इन पेड़ों को एक के बाद एक काटकर भूमि का समतलीकरण किया जा रहा है। असल में बगीचे में पेड़ों के कटान से पहले ही क्षेत्रफल के अनुसार प्लॉट को बेचकर रजिस्ट्री कर दी जाती है। उसके बाद एक-एक कर प्लॉट से हरे पेड़ों को साफ कर दिया जाता है। यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। इससे पछवादून की फलपट्टी को धीरे-धीरे खत्म किया जा रहा है। वन क्षेत्राधिकारी दीक्षा भट्ट ने बताया कि जहां प्लॉटिंग हो रही है, वहां पहले बगीचा हुआ करता था। बताया कि बगीचे में अगल-अलग नामों की प्लॉट की रजिस्ट्री की गई है।