पिथौरागढ़ के मड़धूरा गांव में 26 अक्तूबर को रात को दो सगे भाइयों समेत तीन नेपाली मजदूरों की बर्बरतापूर्वक हत्या कर दी गई थी। तीनों के शव घर के भीतर से बरामद हुए।
हत्यारों ने हरीश बोरा, बीरा बोरा और काशी बोरा के प्राइवेट पार्ट भी काटकर अलग कर दिए थे। तीनों के गले और चेहरे पर धारदार हथियार के निशान थे। हरीश बोरा के गले को काटने के बाद साड़ी से घोंटने का प्रयास भी किया गया था।
पुलिस के अनुसार मृतक हरीश बोरा का भाई बीरा बोरा थल क्षेत्र में मजदूरी करता था। घटना के दो दिन पहले वह अज्ञात युवक के साथ यहां आया था। गिरफ्तारी के बाद सामने आया कि वह युवक उनका परिचित था। वारदात के बाद से युवक फरार था।
जिस बर्बर तरीके से तीनों का कत्ल किया गया और प्राइवेट पार्ट काटे गए हैं, इसे देखते हुए घटना को अवैध संबंध से भी जोड़ा जा रहा था। मृतक हरीश बोरा की पत्नी कलावती भी उसी दिन से गायब थी। आरोपी ने बताया कि वह पहले ही नेपाल जा चुकी थी।