दून अस्पताल में दवा लेने के लिए लगी मरीजों और तीमारदारों की कतार।
देहरादून। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों में इलाज महंगा कर दिया गया है। इसका विरोध भी होने लग गया है। लेकिन, चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन दून अस्पताल में पुरानी दरों पर ही इलाज हो रहा है। इससे दून अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ने लग गई है। गांधी शताब्दी और कोरोनेशन अस्पतालों के मरीज भी दून अस्पताल का रुख करने लग गए हैं।
गांधी व कोरोनेशन में ओपीडी का पर्चा बनवाने के लिए पहले मरीजों को 23 रुपये देने पड़ते थे। अब जिनके पास आयुष्मान कार्ड है उन्हें 30 रुपये देने होंगे। लेकिन जिनके पास कार्ड नहीं हैं उन्हें 60 रुपये देने होंगे। जबकि दून अस्पताल में पर्चा अब भी 17 रुपये में बन रहा है। सबसे अधिक दिक्कत उन मरीजों को हो रही है जिन्हें अल्ट्रासाउंड, एक्सरे या ईसीजी कराना पड़ रहा है। दून अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मात्र 254 रुपये में हो रहा है। जबकि गांधी व कोरोनेशन जैसे अस्पतालों में सात सौ रुपये देने पड़ रहे हैं। यही स्थिति एक्सरे को लेकर भी है। सीबीसी जांच के लिए जहां दोनों सरकारी अस्पतालों में 135 रुपये तो दून अस्पताल में महज 98 रुपये में जांच की जा रही है। हीमोग्लोबिन की जांच को दून अस्पताल में 11 रुपये देने पड़ रहे हैं। जबकि अन्य अस्पतालों में 18 रुपये देने पड़ रहे हैं।
इस संबंध में दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा का कहना है कि जिस तरीके से दोनों अस्पतालों में इलाज महंगा हो गया है उसका असर दून अस्पताल में निश्चित रूप से दिखेगा। दून अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 2000 मरीजों का इलाज किया जाता है। लेकिन, जब से इलाज महंगा हुआ है उस दिन मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है।
इलाज महंगा होने पर विरोध में उतरी कांग्रेस
इलाज मंहगा होने पर राजनीति गरमाने लगी है। कांग्रेस के पूर्व विधायक राजकुमार का कहना है कि एक तरफ आम आदमी डेंगू से परेशान है। दूसरी ओर सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने इलाज महंगा कर दिया है। इससे मरीजों का दर्द और बढ़ गया है। उन्होंने कहा है कि सरकार के इस फैसले का विरोध किया जाएगा। कांग्रेसी जल्द सीएमओ कार्यालय में धरना प्रदर्शन करेंगे। इस संबंध में कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना का कहना है कि सरकार मरीजों का शोषण कर रही है। लेकिन इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इलाज सस्ता
देहरादून। स्वास्थ्य विभाग ने अपने अस्पतालों में इलाज महंगा किया है। पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के जितने भी छोटे-बड़े अस्पताल हैं सभी जगह इलाज महंगा किया है। जबकि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पुरानी दरों पर इलाज चल रहा है। प्रदेश में दून मेडिकल कॉलेज, श्रीनगर मेडिकल कॉलेज और हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में इलाज पुरानी दरों पर ही किया जा रहा है। यह सभी कॉलेज चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन हैं।