अमृतेश सिंह का आरोप है कि उमेश शर्मा ने उन्हें व्हाट्सएप से कॉल कर उत्तराखंड सरकार के खिलाफ ऐसे साक्ष्य मांगे थे, जिससे कि सरकार अस्थिर की जा सके। इसके बाद उसने कई मैसेज भी भेजे, लेकिन उन्होंने ऐसी कोई जानकारी होने से इंकार कर दिया।
अरगोड़ा थाना इंस्पेक्टर रतिभान सिंह ने बताया कि अमृतेश के इंकार के बाद शर्मा ने उन्हें धमकी दी कि वह उसे ईडी की जांच में फंसा देगा। इसके अलावा उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई।
अमृतेश सिंह के मोबाइल से स्क्रीनशॉट और अन्य साक्ष्य ले लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि वे देहरादून पुलिस के संपर्क में भी हैं, जल्द ही इस मुकदमे में अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत झारखंड के विधानसभा चुनावों में प्रदेश भाजपा के प्रभारी थे। आरोप लगाने वाले अमृतेश सिंह के ताल्लुकात भी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत से ठीकठाक ही माने जाते हैं। हालांकि, उनके पास ऐसी कोई जानकारी थी या नहीं या फिर उमेश ने उनसे किस बात के साक्ष्य मांगे थे इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।