उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने राज्य आंदोलन के दौरान खटीमा व मसूरी गोलीकांड में बलिदान हुए आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने प्रदेश को आंदोलनकारियों के सपनों का राज्य बनाने का संकल्प लिया।नगर के तिकोना पार्क स्थित शहीद स्थल पर एकत्रित आंदोलनकारियों व कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उक्रांद के केंद्रीय संरक्षक सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि आज जब बलिदानियों की पावन स्मृति में सिर झुकाते हैं तो लगता है उनकी आत्माएं भी प्रदेश की दुर्दशा देखकर व्यथित और चीत्कार कर रही होंगी। जिस राज्य की परिकल्पना बलिदानियों ने अपने प्राणों की आहुति देकर की थी वह आज गंभीर संकटों के भंवरजाल में फंसा हुआ है। बेरोजगारी अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुकी है, शिक्षा का स्तर निरंतर गिर रहा है, चिकित्सा और स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। महिला सुरक्षा की स्थिति बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि देवभूमि कहलाने वाला पावन प्रदेश दानव भूमि का रूप लेता जा रहा है। प्रदेश गठन के बाद गहरी साजिश के तहत मूल निवास 1950 को समाप्त कर दिया गया। इस अवसर पर शैलेश गुलेरी, गणेश प्रसाद काला, मनोज कंडवाल, जितेंद्र पंवार, यशपाल नेगी, अनुज बलवाल, जयकृष्ण सेमवाल आदि उपस्थित रहे।