टोक्यो ओलंपिक में मुक्केबाजी में सेमीफाइनल में पहुंची भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने शुरुआती दौर में मुक्केबाजी के गुर नैनीताल निवासी और अपने कोच अभिषेक साह से सीखे थे। लवलीना की इस उपलब्धि पर गुरु अभिषेक ने खुशी जताई है।
तल्लीताल क्षेत्र निवासी अभिषेक साह ने बताया कि टोक्यो ओलंपिक में भारत के असम की 23 वर्षीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ ही भारत के लिए एक और मेडल पक्का हो चुका है। साह ने दावा किया कि वह इंटरमीडिएट के दौरान लवलीना के कोच रहे थे और उन्होंने ही उसे मुक्केबाजी के टिप्स सिखाए थे।
तल्लीताल बाजार क्षेत्र निवासी अभिषेक वर्तमान में साई नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस रोहतक में बॉक्सिंग कोच हैं। अभिषेक ने अपना बॉक्सिंग करियर वर्ष 1996 में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून से शुरू किया। देहरादून स्पोर्ट्स कॉलेज से अभिषेक पहले अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी थे। उन्होंने जर्मनी में वर्ष 2000 में प्रशिक्षण लिया और तभी प्रतियोगिता में हिस्सा भी लिया।
अभिषेक ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी के गोल्ड मेडलिस्ट रह चुके हैं। उन्होंने तीन बार एलाइट नेशनल चैंपियनशिप में भी पदक जीते हैं। वर्ष 2008 में अभिषेक कोर ग्रुप नेशनल कैंप में भी अपना जलवा दिखा चुके हैं। उन्होंने स्पोर्ट्स कोचिंग में वर्ष 2008 में डिप्लोमा पूरा किया। इसके बाद वर्ष 2014 में अभिषेक ने साई एसटीसी गुवाहाटी में असिस्टेंट कोच के पद पर ज्वाइनिंग की।
उन्हीं दिनों वर्ष 2014 से वर्ष 2019 के बीच अभिषेक ने भारतीय महिला बॉक्सर लवलीना को भी कोचिंग दी थी। अभिषेक के परिवार में उनके पिता दीप लाल साह, माता पुष्पा साह और पत्नी भूमिका साह हैं। बकौल अभिषेक लवलीना होनहार और तेज तर्रार बॉक्सर है और अपने जोरदार पंच से प्रतिद्वंद्वी को धूल चटाने में माहिर हैं।