चकराता महाविद्यालय में जुलाई से नहीं हिन्दी का प्रोफेसर
कालसी ब्लॉक के 17 और चकराता में आठ विद्यालय हिन्दी शिक्षक विहीन
आज हम सभी हिन्दी दिवस मना रहे हैं। नई पीढ़ी को जागरूक कर हिन्दी के प्रचार प्रसार कर यथोचित्त मान सम्मान दिलाने के लिए बड़े - बड़े निश्चय किए जा रहे हैं, पर जब विद्यालयों और महाविद्यालयों में हिन्दी को पढ़ाने वाले शिक्षक ही नहीं होंगे तो नई पीढ़ी की राष्ट्र भाषा के प्रति रूचि कैसे बढ़ेगी ? निजी विद्यालय तो पहले हिन्दी के लिए दूसरे विषयों का विकल्प रख चुके है, एक मात्र सरकारी विद्यालयों और महाविद्यालयों से आशा है, पर शिक्षकों के अभाव में सरकार विद्यालयों में भी हिन्दी जागरण की ज्योति नहीं जल पा रही है।
इन्सेट
गुलाब सिंह राजकीय महाविद्यालय चकराता
- जुलाई माह से हिन्दी के प्रोफेसर का पद खाली है। पिछले प्रोफेसर के तबादले के बाद से महाविद्यालय में उनकी जगह नए प्रोफेसर की नियुक्ति नहीं हो पाई है। प्रभारी प्राचार्य कामिनी लोहानी ने बताया कि बीए प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष में हिन्दी विषय में कुल 73 छात्र पंजीकृत है। बताया कि प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए पत्राचार किया जा रहा है।
कालसी ब्लॉक
- कालसी ब्लॉक में 17 विद्यालयों में हिन्दी के शिक्षक नहीं है। इनमें राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पंजिया, पणायसा, लांघा पोखरी, कैंतरो, मंडोला, खनकंडी, सकरोल, सैलालानी, ठकरासाधार, रूपौ, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्यारी, अष्टाड़, लखवाड़ और राजकीय इंटर कॉलेज नगऊखेत, कोरूवा, कचटा गांगरौ, नागथात शामिल हैं। खंड शिक्षा अधिकारी चकराता भुवनेश्वर प्रसाद जदली ने बताया कि शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए पत्राचार चल रहा है।
चकराता ब्लॉक
- राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरौंथा, मलेथा, राजकीय इंटर कॉलेज मुन्थौल, केराड़, सावड़ा, क्वानू, बिनसौन, काण्डोई भरम में सहायक अध्यापक और अध्यापक नहीं हैं। खंड शिक्षा अधिकारी पूजा नेगी दानू ने बताया कि शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति के लिए पत्राचार किया गया है।