आज जिलाधिकारी चकराता विधानसभा की द्वार और बिशलाड़ खत के 12 गांवों के ग्रामीणों को मतदान के लिए प्रेरित करने का अंतिम प्रयास करेंगी। दांवा पुल-खारसी मोटर मार्ग का सुधार न होने से नाराज ग्रामीणों ने चुनाव के विरोध की चेतावनी दी थी। इससे पहले 27 मार्च को तहसील प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और ग्राम्य विकास विभाग की टीम ने ग्रामीणों को मतदान के लिए प्रेरित करने का प्रयास किया था, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही।
करीब 32 वर्ष पहले दांवापुल-खारसी मोटर मार्ग का निर्माण हुआ था। उसके बाद से मोटर मार्ग का मरम्मत कार्य नहीं हुआ। द्वार और बिशलाड़ खत के 12 गांवों के ग्रामीण लंबे से मोटर मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग को लेकर दो बार अनिश्चितकालीन धरना भी दिया। मांग पूरी न होने से नाराज ग्रामीणों ने इस बार चुनाव के विरोध की चेतावनी दी है।
27 मार्च को एसडीएम चकराता योगेश मेहरा के निर्देश पर तहसील प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और ग्राम्य विकास विभाग की टीम ग्रामीणों को प्रेरित करने के लिए गांव में गई थी, लेकिन वार्ता विफल रही। एसडीएम ने बताया कि बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी सोनिका से ग्रामीणों की वार्ता करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को मतदान के लिए प्रेरित करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।
ये गांव कर रहे विरोध
मिंडाल, खनाड़, कुराड़, सिचाड़, मंझगांव, समोग, थणता, जोगियो, बनियाना, सेंजाड़, सनौऊ, टावरा
गांवों में पांच मतदान स्थल
मिंडाल, खनाड़, मंझगांव, बनियाना, जोगियो