ई चालान मशीन से कागजों की चैकिग करती परिवहन कर अधिकारी श्वेता रौथान।
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ऑटो-विक्रमों में जीपीएस लगाने को लेकर चल रहे विवाद के बीच सोमवार को सैकड़ों की संख्या में विक्रम संचालक आरटीओ कार्यालय पहुंचे। इस दौरान विक्रम संचालकों ने नारेबाजी कर विरोध जताया। लंबी चली वार्ता के बाद विक्रम के साथ ऑटो और अन्य सभी सार्वजनिक वाहन संचालकों को वाहनों में जीपीएस लगाने के लिए 15 जुलाई तक का समय देने पर सहमति बनी।I
गौरतलब हो कि घंटाघर और परेडग्राउंड क्षेत्र में चलने वाले सार्वजनिक यात्री वाहनों में जीपीएस लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसे लेकर लगातार विरोध चल रहा है। 16 फरवरी को कई वाहनों को कार्रवाई के लिए नोटिस भी भेजे गए। इसके बावजूद विक्रम संचालक किसी सूरत में जीपीएस लगाने को तैयार नहीं हैं।
यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जीपीएस जरूरी
सोमवार शाम सैकड़ों की संख्या में विक्रम संचालक भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ गुप्ता के नेतृत्व में आरटीओ कार्यालय पहुंचे। यहां पर विक्रम संचालकों ने अपना विरोध जताया। सिद्धार्थ गुप्ता के नेतृत्व में चली बैठक में आरटीओ सुनील शर्मा ने कहा कि यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जीपीएस लगवाया जा रहा है।
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महानगर अध्यक्ष ने कहा कि 500 से अधिक विक्रम और 2200 से अधिक ऑटो हैं। इन सभी में कम समय के अंदर जीपीएस लगवा पाना व्यावहारिक नहीं है। यह सहमति बनी कि 15 जुलाई तक का समय सभी को दिया जाए। इस दौरान जीपीएस को लेकर कोई चालान नहीं काटा जाएगा। इस पर सभी एकमत हुए। आरटीओ सुनील शर्मा ने कहा कि यह टाइमलाइन सभी के लिए तय कर दी गई है। उसके बाद सख्ती से नियम का पालन कराया जाएगा।I