नाबालिग के अपहरण में रिश्ते के भाई को कोर्ट ने तीन साल की कैद की सजा सुनाई है। स्पेशल पॉक्सो जज अर्चना सागर की कोर्ट ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
शासकीय अधिवक्ता अल्पना थापा ने बताया कि एक व्यक्ति ने नौ जनवरी 2021 को कैंट थाने में शिकायत की थी। व्यक्ति ने बताया कि उनकी 16 वर्ष की बेटी ट्यूशन के लिए निकली थी। लेकिन, शाम तक घर वापस नहीं आई। उसे इस बीच कई जगह तलाश किया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पीड़िता की तलाश की।
कुछ दिन बाद उसे नोएडा से बरामद कर लिया गया। पुलिस ने वहां से एक युवक को गिरफ्तार किया। आरोप है कि यही युवक उसे देहरादून से लेकर गया था। पीड़िता ने बताया कि युवक उसकी मौसी का बेटा है और उससे वह मामा की शादी में मिली थी।
युवक ने उसके सामने शादी प्रस्ताव रखा और उसे नौ जनवरी 2021 को बल्लूपुर चौक पर मिलने के लिए बुलाया। इसके बाद वह उसे आईएसबीटी से बस के माध्यम से हरियाणा ले गया। पीड़िता ने युवक पर दुष्कर्म का आरोप भी लगाया। लेकिन, अदालत में दुष्कर्म की बात सिद्ध नहीं हो पाई। अभियोजन की ओर से कुल पांच गवाह पेश किए गए। अदालत ने युवक को नाबालिग के अपहरण का दोषी पाते हुए उसे सजा सुनाई।