स्वाइन फ्लू के डर से होती इन्फ्लुएंजा जांच
दून अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ मेजर डॉ. गौरव मुखीजा ने बताया कि अस्पताल में सर्दी, खांसी और बुखार के साथ जो मरीज आते हैं। इनमें इन्फ्लुएंजा की जांच जरूर की जाती है। मरीजों में एच1एन1, एच3एन1, एच3एन2, एच1एन2 का डर रहता है इसलिए यह पता करने के लिए पहले इन्फ्लुएंजा की जांच होती है। यह सभी इन्फ्लुएंजा-ए के सब-टाइप हैं और ये स्वाइन फ्लू को प्रजेंट करते हैं। हालांकि, यह बहुत कम ही पॉजिटिव आते हैं लेकिन अगर यह पॉजिटिव आते हैं तो मरीज के फेफड़ों पर असर डालते हैं। इसमें घातक निमोनिया होता है।
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कॉमन कोल्ड है इन्फ्लुएंजा ए और बी
इन्फ्लुएंजा ए और बी एक कॉमन कोल्ड की तरह हैं। इससे डरने की जरूरत नहीं है। हर साल जब सर्दी आती है तो इन्फ्लुएंजा ए और बी सामने आता है। इन्फ्लुएंजा पॉजिटिव आने के बाद मरीज को आइसोलेट कर दिया जाता है।