सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साहिया में सर्जन की तैनाती को तीन माह बीत गए है, लेकिन यहां अब तक बड़े ऑपरेशन की सुविधा शुरू नहीं हो पाई है। अस्पताल में एनेस्थेटिस्ट नहीं है। मरीजों को गुर्दे में पथरी, हर्निया, अपेंडिक्स, पित्त की थैली में पथरी आदि ऑपरेशन के लिए उप जिला अस्पताल विकासनगर रेफर किया जा रहा है। इसके चलते विकासनगर में ऑपरेशन की प्रतीक्षा सूची बढ़ रही है।
सीएचसी साहिया से 200 से अधिक गांव जुड़े हैं। बीते साल दिसंबर में करीब 12 साल बाद सर्जन की तैनाती हुई थी। उस समय मरीजों में उम्मीद जगी कि अब उन्हें अस्पताल में ऑपरेशन की सुविधा मिलेगी, लेकिन उनकी उम्मीद निराशा में बदल रही है। अस्पताल में सर्जन की तैनाती के बाद से केवल लोकल एनेस्थीसिया से छोटे ऑपरेशन हो रहे हैं। बड़े ऑपरेशन के लिए मरीजों को लंबर एनेस्थीसिया देना पड़ता है, लेकिन अस्पताल में एनेस्थेटिस्ट नहीं हैं। यहां से रोजाना दो से तीन मरीजों को ऑपरेशन के लिए हायर सेंटर रेफर किया जाता है।
पूर्व प्रधान सुभाष भाटी, स्थानीय निवासी शेर सिंह भाटी, सुरेंद्र सिंह चौहान, इंद्र सिंह, भीमदत्त वर्मा, सतपाल राय, रविंद्र पाल सिंह, नरेश कुमार कोहली आदि ने कहा कि अस्पताल में न ऑपरेशन की सुविधा है न इमरजेंसी में उपचार ही मिलता है। लोगों को सीएचसी होने के बाद भी उपचार के लिए विकासनगर और देहरादून जाना पड़ता है। कहा कि अगर चिकित्सा व्यवस्था ठीक न हुई तो वह आंदोलन को मजबूर होंगे।
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Iअस्पताल में सर्जन और फिजिशियन की तैनाती कर दी गई। अन्य विशेषज्ञों की तैनाती का प्रयास किया जा रहा है। चिकित्सा व्यवस्थाओं को बेहतर किया जाएगा।
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Iडॉ. संजय जैन, सीएमओ, देहरादूनI