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Dehradun News: पुलिस को दौड़ाते हैं चोर, खुद पहुंच गया चौकी फिर भी नहीं हुआ शक

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I- पुलिस करती पूछताछ तो 30 सितंबर को ही हो सकता था हत्याकांड का खुलासा
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I- अगले दिन अन्य आरोपी को बिना पूछताछ के ही भेज दिया तस्करी में जेलI







चोर पुलिस को दौड़ाते हैं। तब कहीं जाकर पुलिस उन्हें पकड़ पाती है। ऐसा हम नहीं बल्कि पुलिस कहती है। एक स्कूटर चोरी करने वाला खुद चौकी पहुंच गया और चोरी के लिए माफी भी मांगी। फिर भी पुलिस उसकी मंशा पर शक नहीं कर पाई।



इतना कहने भर से ही उसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। इसी तरह दूसरा आरोपी भी एकाएक 452 ग्राम गांजे की तस्करी में पकड़ा गया। माना जा रहा है कि यदि पुलिस इन दोनों से जरा भी शक के आधार पर पूछताछ करती तो घटना का खुलासा 30 सितंबर को ही हो गया होता।दरअसल, अपराधियों का पुलिस से बचने के लिए पुराने मामलों में जेल जाना नई बात नहीं है। पेशेवर अपराधी इस पैंतरे को अपनाते हैं। मगर, ऐसा सेटिंग गेटिंग से ही संभव हो पाता है। इस तरह खोज में लगी पुलिस फिर से न्यायालय के माध्यम से आरोपियों को हिरासत में लेती है।
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यहां भी इन नए अपराधियों ने भी यह पुराना पैंतरा अपनाया और एक तो खुद चौकी पहुंच गया। पूछताछ में तमाम नए पुराने राज उगलवाने का दावा करने वाली पुलिस इस नए स्कूटर चोर से जरा भी बात न कर पाई। इसके गुडवर्क दर्शाया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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Iअब कहा खुद पहुंचा, पहले दिखाई त्यागी रोड से गिरफ्तारीI

पुलिस का कहना कि आरोपी खुद चौकी पहुंचा और स्कूटर चोरी की माफी मांगी, लेकिन 30 सितंबर को पुलिस ने बताया था कि स्कूटर के मालिक मुकीम अहमद निवासी प्रिंस चौक ने 29 सितंबर को स्कूटर चोरी होने की शिकायत की। मुकीम ने पुलिस को बताया था कि उनका स्कूटर 27 को चोरी हो गया था। पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज किया और आरोपी ऋषभ गुप्ता को त्यागी रोड से चोरी के स्कूटर के साथ गिरफ्तार कर लिया। अब सवाल यह है कि जब पुलिस ने गुडवर्क करते हुए उसे त्यागी रोड से गिरफ्तार किया तो अब उसके खुद चौकी पहुंचने की बात कहां से सामने आई। या तो पहले कहानी कुछ और थी या अब बात कुछ और है। इससे कोतवाली पुलिस का मुकदमा दर्ज करने की तत्परता पर सवाल है। 27 सितंबर को चोरी हुए स्कूटर की मुकीम दो दिन बाद क्यों शिकायत करता। इसमें भी या तो पुलिस ने 27 सितंबर की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया या फिर स्कूटर और चोर मिलने के बाद ही मुकदमा दर्ज किया।
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