दून अस्पताल में नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की ओर से जारी गाइडलाइन को लागू कर दिया गया है। इसके तहत अब दून
अस्पताल में इलाज के लिए आया कोई मरीज या उसके परिजन डॉक्टर से दुर्व्यवहार या हंगामा करते हैं तो डॉक्टर इलाज करने से इंकार कर सकता है।
दून अस्पताल के एमएस डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि नेशनल मेडिकल कमीशन की गाइडलाइन तो यह पहले से जारी हैं। लेकिन अब इस पर कानून भी आ गया है। ऐसे में इस नियम को अस्पताल में भी लागू किया जा रहा है। डॉक्टर के साथ अभद्रता करने पर मरीज को वापस तो किया जा सकता है, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि मरीज का इलाज प्रभावित न हो। मरीज को दूसरे अस्पताल के लिए रेफर किया जाएगा।
बता दें कि दून अस्पताल में रोजाना इस तरह के लोग आते हैं जो इलाज के नाम पर डॉक्टरों से अभद्रता करते हैं। कई बार तो मरीज या उनके तीमारदार डॉक्टर से हाथापाई भी कर देते हैं। इस तरह के अधिकतर मामले इमरजेंसी में रात के समय आते हैं। इस दौरान अधिकतर मरीज नशे की हालत में हंगामा भी करते हैं। ऐसे में पुलिस को भी बुलाना पड़ जाता है। पिछले दिनों भी अस्पताल में एक मरीज के तीमारदारों ने हंगामा करते हुए स्टाफ से हाथापाई कर दी थी। इसके बाद पुलिस बुलाकर मामला सुलझाया गया था।