शहर में बुधवार को भी झमाझम बारिश हुई। घने कोहरे ने वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। वहीं, लंढौर-टिहरी मार्ग पर कई जगह बोल्डर आए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। दून मार्ग पर गलोगी के पास मलबा आने से करीब आधा घंटे तक वाहन फंसे रहे। मौके पर मौजूद जेसीबी से मलबा हटाकर यातायात बहाल किया गया। लंढौर मार्ग पर पुश्ते के नीचे जमीन धंसने से सड़क खोखली हो गई है, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है। बारिश से मालरोड में लगे कोबल स्टोन कई जगह उखड़ गए हैं। इससे लोनिवि के कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। लोनिवि के एई केके उनियाल ने बताया कि गलोगी के पहाड़ की मरम्मत का कार्य बारिश के चलते बंद किया गया है। मलबा आने पर जेसीबी से तत्काल हटाया जाता है। वहीं, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी राजेश नैथानी ने बताया कि लंढौर मार्ग पर शीघ्र पुश्ता लगाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके लिए टेंडर निकाल दिए हैं। वहीं, हैंपटन कोर्ट के पास गिरे पुश्ते की भी मरम्मत की जाएगी।
Iपर्यटकों की संख्या घटीI
शहर के होटल व्यवसायी आशीष गोयल ने बताया कि बारिश का असर पर्यटन व्यवसाय पर भी पड़ा है। कई पर्यटकों ने होटल की बुकिंग रद्द कर दी है। छोटे-बड़े होटलों में 50 से 50 फीसदी पर्यटक कम हो गए हैं। बुधवार को मसूरी का अधिकतम तापमान 19 डिग्री दर्ज किया गया। इससे मौसम में ठंड बढ़ गई है।