शिक्षा विभाग सरकारी विद्यालयों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने का दम भरता है, लेकिन ब्लॉक क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय निथला, अमराहा, बोसान, राणीगांव, सकनी, मंगरोली और सिसोई खेड़ा में छात्रों के बैठने के लिए फर्नीचर नहीं है।
ब्लॉक क्षेत्र के सात प्राथमिक विद्यालयों में फर्नीचर नहीं है। छात्र जमीन कर बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। वहीं, क्षेत्र के अन्य 32 प्राथमिक विद्यालयों में भी फर्नीचर की कमी चल रही है। छात्र आपस में मेज-कुर्सी सटाकर बैठ रहे हैं। इससे पढ़ाई करने में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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शिक्षा विभाग सरकारी विद्यालयों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने का दम भरता है, लेकिन ब्लॉक क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय निथला, अमराहा, बोसान, राणीगांव, सकनी, मंगरोली और सिसोई खेड़ा में छात्रों के बैठने के लिए फर्नीचर नहीं है। इन विद्यालयों में छात्र टाट पट्टी पर बैठकर पढ़ाई करते हैं। जबकि, ब्लॉक के अन्य 32 प्राथमिक विद्यालयों में लंबे समय से फर्नीचर की कमी चल रही है। प्राध्यापक और ब्लॉक की ओर से कई बार फर्नीचार की कमी हवाला देकर पत्राचार किया गया। लेकिन, अब तक फर्नीचर उपलब्ध नहीं हो पाया है। भीषण गर्मी के बीच भी छात्र मेज और कुर्सी सटाकर पढ़ाई करते हैं। एक दूसरे से सटकर बैठने से छात्रों को पढ़ाई करते समय दिक्कत होती है।
बीईओ कालसी भुवनेश्वर प्रसाद जदली ने बताया कि फर्नीचर की डिमांड विभागीय उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। फर्नीचर उपलब्ध होते ही संबंधित विद्यालयों को प्राथमिकता के आधार पर आवंटित कर दिया जाएगा। चकराता ब्लॉक में 183 राजकीय प्राथमिक विद्यालय, 18 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 18 हाईस्कूल और 16 राजकीय इंटर कॉलेज संचालित किए जा रहे हैं। इसमें पर्याप्त संख्या में फर्नीचर उपलब्ध है। खंड शिक्षा अधिकारी बुशरा ने बताया कि सभी विद्यालयों में छात्रों को बैठने के लिए फर्नीचर उपलब्ध है। जिलाधिकारी के निर्देश के अनुपालन में सभी प्रधानाचार्य और प्रध्यापकों को छात्रों की संख्या बढ़ जाने पर फर्नीचर की कमी के विषय से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।