I- सरेबाजार पटेलनगर में हुई घटना के बाद लोगों में डर का माहौल
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- तीन दिन पहले विकासनगर में सरेआम कर दी गई थी बुजुर्ग की हत्याI
दुस्साहसियों में पुलिस का खौफ नहीं है। दून में आए दिन हो रही आपराधिक घटनाओं से लोगों में दहशत का माहौल है। राज्य स्थापना दिवस के दिन दिनदहाड़े हुई डकैती की वारदात से शुरू हुआ घटनाओं का सिलसिला जारी है। हालांकि, कुछ घटनाएं आपसी विवाद में हुईं। लेकिन, सरेआम इस तरह बात-बात पर असलहे की नुमाइश से पुलिस के इकबाल पर सवालिया निशान लग रहा है।I
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Iबता दें कि गत नौ नवंबर को राज्य स्थापना दिवस पर पांच सशस्त्र बदमाशों ने राजपुर रोड पर करोड़ों की डकैती को अंजाम दिया। इस घटना के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे थे। हालांकि, पुलिस ने लंबी कसरत के बाद एक बदमाश और उसके छह सहयोगियों को पकड़ने में सफलता हासिल जरूर की, लेकिन अगली चुनौतियां फिर से आ खड़ी हुईं। बीते दिनों एक जमीन के सिलसिले में लोगों को डराने आए एक बदमाश का हौसला इतना बढ़ा कि उसने लोगों पर गोली ही चला दी। इसमें बुजुर्ग की मौत हो गई। चंद घंटों बाद बदमाश पकड़ा गया लेकिन इस दुस्साहस के बाद सवाल उठे कि क्या पुलिस का इतना भी खौफ नहीं कि बदमाश सरेआम इस तरह गोली चलाने लगे।
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Iबीते छह माह के भीतर राजधानी में ऐसी कई घटनाएं हुईं जिनमें लोगों ने असलहों की खुलेआम न सिर्फ नुमाइश की बल्कि फायर तक झोंक दिए। पुलिस कप्तान ने दिन-रात चेकिंग को दुरुस्त करने के निर्देश तो दिए लेकिन इन निर्देशों का असर खुद कप्तान ने अगले ही दिन देख लिया। पुलिसकर्मी निर्देशों के अनुरूप चेकिंग करते नहीं पाए गए। कई सीओ तलब हुए एक दरोगा पर गाज गिरी। अब मंगलवार को पटेलनगर में हुई हत्या के प्रयास की घटना ने एक बार फिर पुलिस के इकबाल का जिक्र छेड़ दिया। सरेबाजार युवती को स्कूटर से गिराया और फिर युवक ने उसके मुंह में फिल्मी अंदाज में पिस्तौल की नली घुसा दी। एक के बाद एक तीन फायर करने चाहे लेकिन किस्मत युवती की अच्छी निकली। नहीं तो एक और बड़ी घटना फिर से पुलिस के रिकॉर्ड में चढ़ जाती।I