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I- वीआईपी ड्यूटी में कोतवाली, थाने, चौकी हो जाते हैं खालीI
कोतवाली में पुलिसकर्मियों की भारी कमी है। यहां करीब 35 फीसदी पद खाली पड़े हैं। हाल यह है कि वीआईपी के आगमन पर कोतवाली, थाने और चौकी खाली हो जाते हैं। पुलिस के वीआईपी ड्यूटी में व्यस्त होने के दौरान आपराधिक वारदात की आशंका भी बढ़ जाती है। व्यापारी लंबे समय से कोतवाली में पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग कर रहे है।
विकासनगर कोतवाली क्षेत्र अवैध खनन और समुदायों के बीच आपसी टकराव की आशंका के चलते काफी संवेदनशील माना जाता है। पिछले कुछ समय यहां नशा तस्करी, चोरी, लूट जैसी आपराधिक घटनाएं भी बढ़ी हैं। आबादी बढ़ने के साथ क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा के इंतजाम घटते चले गए। मौजूदा समय में यहां करीब एक लाख की आबादी की सुरक्षा केवल 78 पुलिसकर्मियों के कंधों पर है। वहीं, कोतवाली में पुलिसकर्मियों के 121 पद स्वीकृत हैं। वीआईपी ड्यूटी के दिन पुलिस के लिए सबसे चुनौती भरा होता है। पुलिसकर्मियों के ड्यूटी पर जाने के कारण शहर की सुरक्षा व्यवस्था खतरे में पड़ जाती है। सबसे बड़ी चुनौती यह है कि उत्तरप्रदेश और हिमाच प्रदेश की सीमाएं कोतवाली क्षेत्र से सटी हुई हैं।
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Iशहर में आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। कोतवाली में पुलिसकर्मियों की लंबे समय से कमी है। क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा, शांति व्यवस्था और यातायात संचालन के लिए पुलिसकर्मियों की बहुत जरूरत है। व्यापारी लगातार कोतवाली में रिक्त पदों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की मांग कर रहे हैं। संजय गुप्ता, व्यापार मंडल, विकासनगर
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Iमुख्यालय को पुलिसकर्मियों की तैनाती के लिए लगातार मांग भेजी जाती है। समस्या यह है कि सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों की संख्या नई भर्ती से अधिक रहती है। पुलिसकर्मी उपलब्ध होने के साथ रिक्त पद भरे जाने की उम्मीद है। भाष्कर शाह, सीओ, विकासनगरI