बाजार में सोने और चांदी के आभूषणों को तैयार करने वाले कारीगरों की दुकानों पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। अधिकांश के यहां सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। जहां हैं वे टूटे पड़े हैं। आभूषणों के सुरक्षित रखने के लिए तिजोरी तक नहीं हैं। दुकानों में आभूषण खुले में रखे रहते हैं। ऐसे में कारीगरों की दुकानें अपराधियों के लिए सॉफ्ट टारगेट बनी हुई है। इन्हीं कमियों का फायदा उठाकर बीते सोमवार की रात को युवक ने कारीगर पर हमला कर नकदी, सोना और चांदी लूट लिया।
विकासनगर बाजार में करीब 25 आभूषण तैयार करने वाले कारीगर हैं। सभी कोलकाता के रहने वाले हैं। इन लोगों ने शंकर स्टील वाली गली, पुलिस चौकी के पीछे सहित अन्य जगहों पर दुकानें ली हुई हैं। इनके पास बाजार के सराफा कारोबारी आभूषण तैयार कराते हैं। एक अनुमान के मुताबिक, कारीगरों के पास रोजाना करीब 50 तोला सोने और 30 तोला चांदी के आभूषण तैयार करने के लिए पहुंचते हैं। इधर, सुरक्षा के बंदोबस्त न होने से लाखों के आभूषणों के साथ ही कारीगर की जान पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है।
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पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी कैमरे
शंकर स्टील वाली गली में स्थित कारीगर आरिफ के यहां हुई लूट के खुलासे के लिए पुलिस सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है। चौकी प्रभारी बाजार विवेक भंडारी ने बताया, एक सीसीटीवी कैमरे में आरोपी दिखाई दिया है, लेकिन वह पूरी तरह से पहचान में नहीं आ रहा है। आसपास के सभी कैमरों को चेक कराया जा रहा है।
कारीगर को करनी पड़ती है भरपाई
यदि सोना और चांदी कारीगर के यहां से चोरी और गायब होता है, तो उसकी भरपाई कारीगर को करनी पड़ती है। सराफा कारोबारी के यहां से जो आभूषण तैयार होने के लिए आते हैं, उसकी कोई कागजी कार्रवाई नहीं होती। पूरा काम भरोसे पर होता है।
कारीगरों की दुकानों में सुरक्षा के क्या-क्या इंतजाम हैं, इसकी जांच कराई जाएगी। सभी को अनिवार्य रूप से सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए जाएंगे।
भाष्कर शाह, सीओ विकासनगर