पीएमजेएसवाई में नहीं हो रहा डी श्रेणी का पंजीकरण
अधिकारी पोर्टल में तकनीकी समस्या को बता रहे कारण
ठेकेदार बनने की चाह रखने वाले कालसी तहसील क्षेत्र के युवा पिछले डेढ़ साल से पंजीकरण के लिए पीएमजेएसवाई निर्माण खंड लोनिवि के दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अधिकारी युवाओं को पोर्टल में तकनीकी समस्या का हवाला देकर लौटा देते हैं। वहीं इतने लंबे समय से पोर्टल में समस्या की बात युवाओं को भी नहीं पच रही है।
पीएमजेएसवाई निर्माण खंड लोनिवि कालसी और चकराता तहसील समेत आसपास के क्षेत्रों में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क मोटर मार्ग का निर्माण और मरम्मत का कार्य करता है। विभागीय कार्यालय में विभिन्न श्रेणी के ठेकेदारों का पंजीकरण किया जाता है। पंजीकृत ठेकेदार श्रेणी के अनुसार टेंडर की प्रकिया में शामिल होते हैं।
त्यूणी महाविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष आदित्य जोशी और पूर्व विश्वविद्यालय प्रतिनिधि प्रमेश रावत, सचिन राणा आदि ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्षो से विभाग कालसी खंड कार्यालय में डी श्रेणी में नए ठेकेदारों का पंजीकरण नहीं हो रहा है। पंजीकरण न होने से स्थानीय स्तर पर ठेकेदारी के माध्यम से आजीविका शुरू करने की हसरत रखने वाले युवा परेशान है। उन्होंने बताया कि हैसियत, स्थाई, जाति, चरित्र आदि प्रमाण पत्र बनवाने में खर्च के बाद भी पंजीकरण न होने से युवाओं को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
उधर पीएमजेएसवाई निर्माण खंड लोनिवि कालसी के अधिशासी अभियंता रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि पोर्टल में कुछ तकनीकी समस्या आने के कारण डी श्रेणी के नए ठेकेदारों का पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। बताया कि समस्या के समाधान के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा गया है।
साहिया और चकराता खंड में पंजीकृत ठेकेदारों को मिल रहा काम
पीएमजेएसवाई निर्माण खंड लोनिवि कालसी में डी श्रेणी के पंजीकरण बंद है, लेकिन लोनिवि के अन्य निर्माण खंड में पंजीकृत डी श्रेणी के ठेकेदारों से यहां काम लिया जा रहा है। साहिया और चकराता खंड के ठेकेदारों को कार्य आवंटित किए जा रहे हैं। अधिशासी अभियंता रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि फिलहाल खंड स्तर पर ठेकेदारों को राहत देने का काम किया गया है। बताया कि साहिया और चकराता खंड डी श्रेणी में पंजीकृत ठेकेदारों को टेंडर प्रकिया के बाद कार्य आवंटन किया जा रहा है।