पीपीएस अधिकारियों के पद बढ़ने के बाद इंस्पेक्टर और डीएसपी (सीओ) के प्रमोशन का रास्ता खुल गया है। लंबे समय से जो अधिकारी प्रमोशन की बाट जोह रहे थे, उनके लिए अवसर भी बढ़ गए हैं। बढ़ाए गए पद एडिशनल एसपी के हैं। इस हिसाब से अब इन पदों पद डीएसपी के प्रमोशन होंगे और पीछे से इंस्पेक्टर की बारी आएगी।
दरअसल, जब राज्य का गठन हुआ था उस वक्त पीपीएस अधिकारियों के 103 पद थे। इसके बाद एसडीआरएफ, आईआरबी जैसी विंग बनने के बाद डीएसपी के पद बढ़ा दिए गए थे। इसके बाद पीपीएस अधिकारियों के कुल 143 पद थे। इनमें 32 एडिशनल एसपी और बाकी डीएसपी के हैं। अब पहली बार पीपीएस कैडर का रिव्यू किया गया जिसमें एएसपी के 13 पद बढ़ाने को मंजूरी मिली है। इस हिसाब से अब प्रदेश में एएसपी के 45 पद हो जाएंगे। पिछले महीने तक प्रदेश में एएसपी के सभी 32 पद फुल थे।
लेकिन, पिछले महीने ही तीन एएसपी को आईपीएस में पदोन्नति मिली है। इससे तीन पद खाली हो गए। अब नई व्यवस्था के हिसाब से खाली पदों की संख्या 16 हो जाएगी। इनमें से डीएसपी के 50 फीसदी पद प्रमोशन और बाकी डायरेक्ट भरे जाएंगे। ऐसे में अब प्रमोशन का इंतजार कर रहे डीएसपी, एएसपी के पद पर पदोन्नत हो जाएंगे। इसका सीधा फायदा इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारियों को होगा। कई इंस्पेक्टर लंबे समय से रिक्तियां न होने के कारण प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं।
कई पद हो जाएंगे अधिसूचित
राज्य में जनसंख्या बढ़ने के साथ-साथ अपराध में भी बढ़ोतरी हुई। ऐसे में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए नए पद बनाए गए थे। लेकिन, अभी तक पुलिस में कई जगहों पर एएसपी एक व्यवस्था के तौर पर चले आ रहे थे। मसलन, प्रदेश में कहीं भी एसपी ट्रैफिक और सीओ के पद अधिसूचित नहीं हैं। साइबर, एएसपी कोटद्वार, एएसपी काशीपुर के पद भी अधिसूचित नहीं थे। पुलिस मुख्यालय की ओर से इन पदों को भी अधिसूचित करने का प्रस्ताव रखा था। अब बताया जा रहा है कि इनमें से कई पद अधिसूचित कर दिए गए हैं। हालांकि, इनकी सूची जारी नहीं हुई है।