लोक पंचायत के स्थापना दिवस पर आयोजित दो दिवसीय व्यक्तित्व विकास शिविर का रविवार को समापन हो गया। अंतिम दिन पद्मश्री कल्याण सिंह रावत ने कहा कि लोक शक्ति के जागरूक होने से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाने व प्रवासी ग्रामीणों को अपने गांव जाने के लिए प्रेरित करने को मौजूदा समय की आवश्यकता बताया।
धर्मावाला में आयोजित शिविर में मैती आंदोलन के जनक पद्मश्री कल्याण सिंह रावत ने कहा कि समाज जागरण के लिए लोक शक्ति का होना जरूरी है। लोक शक्ति को जगाने का काम लोक पंचायत के माध्यम से किया जा रहा है। धरती को बचाना है तो गांव को बचाना पड़ेगा। कहा कि प्रवासी ग्रामीणों को अपने गांव जाने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता है। जौनसार बावर की संस्कृति की देश में अलग पहचान है। उन्होंने ग्रामीण व किसानों को जैविक खेती करने की सलाह दी। कार्यक्रम में करम सिंह तोमर को सम्मानित किया गया। इस मौके पर सूचना विभाग के संयुक्त निदेशक कलम सिंह चौहान, श्रीचंद शर्मा, सुंदरलाल नौटियाल, बलवीर सिंह, अजब सिंह, रणवीर सिंह, अनिल तोमर, भारत चौहान, गंभीर चौहान, सतपाल चौहान, धर्मेंद्र चौहान, दिनेश तोमर, शीशपाल तोमर मोहन सिंह आदि उपस्थित रहे।
विभिन्न क्षेत्रों की 11 समितियां गठित
लोक पंचायत के शिविर में विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली विभिन्न समितियों का गठन किया गया। इसमें पर्यावरण समिति, रक्तदान समिति, कॅरिअर काउंसलिंग समिति, अध्यापक सम्मेलन, लोक पंचायत संघर्ष समिति, सांस्कृतिक समिति, प्रवासी सम्मेलन, सेवानिवृत कर्मचारी सम्मेलन, युवा छात्र सम्मेलन आदि शामिल हैं। इस मौके पर समितियों के मनोनीत संयोजकों ने वर्षभर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों का ब्यौरा भी प्रस्तुत किया।